जमशेदपुर। मानगो के अपराधी अमरनाथ गिरोह की कमर तोड़ते हुए जमशेदपुर पुलिस ने उसके 10 गुर्गों को 22 अग्नेयास्त्रों के साथ धर दबोचा है। बहुत दिन बाद पुलिस को इतनी ब ड़ी संख्या में हथियार मिले हैं और थोक भाव से अपराधियों को दबोचने का मौका भी मिला है। कोल्हान के डीआइजी के अनुसार अपराधियों ने मानगो में बड़े अपराध को अंजाम देने की योजना तैयार की थी। इनके टारगेट में अपराधी, ठेकेदार, सफेदपोश और जमीन कारोबारी शामिल थे। शहर में 2008 की तरह सीरियल क्राइम की तरह दहशत फैलाना था। शहर में सीरियल क्राइम के दौरान डाक्टर, इंजीनियर और कारोबारी की हत्या कर दी गई थी। अपराधियों की एकमुश्त गिरफ्तारी की डीआइजी ने टीम जमशेदपुर पुलिस की भूरि-भूरि प्रशंसा की और इस अभियान में शामिल पदाधिकारियों को सम्मानित किया। गिरफ्तार अपराधियों में रंजीत सरदार, प्रदीप सिंह, णाल गोस्वामी, रिंकू शीट, अमर ठाकुर उर्फ अमर बच्चा, साजन मिश्रा, अमरजीत पांडेय, आकाश महतो, बुद्घु सैनी और अन्य है। गिरोह ने मानगो के उलीडीह में पांच अप्रैल को स्क्रैप टाल संचालक मोती चंद्र गुप्ता पर फायरिंग की थी। सिद्गोड़ा में आॅटो चालक बबलू शर्मा की हत्या कर दी थी। सभी अपराधी मानगो के अमरनाथ सिंह गिरोह से जुड़े हुए है। मानगो गुरुद्वारा बस्ती निवासी छात्र नेता टुनटुन सिंह की हत्या, उलीडीह में बस एजेंट सुरेद्र सिंह की हत्या समेत कई मामलों के आरोपित राजा शर्मा और उसके साथी गिरोह की टारगेट में था। राजा शर्मा कुछ माह पहले ही अपील बेल पर वह रिहा हुआ है। मानगो के एमजीएम थाना क्षेत्र के सोनू टाल वाले की हत्या में उसे सजा हुई थी। मानगो और उलीडीह थाना में उसके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज है। राजा शर्मा को आर्थिक मदद करने वाले मानगो के एक ठेकेदार का नाम भी अपराधियों ने पुलिस को बताएं है। जमीन की खरीद-बिक्री करने वाले विजय मंडल भी गिरोह की टारगेट में था। मानगो के ओलीडीह के मंगल कलोनी में पांच अप्रैल को स्क्रैप टाल संचालक मोती चंद्र गुप्ता पर फायरिंग की थी। गोली संचालक की दाहिने पैर में लगी थी। आकाश और अभियांशु के खिलाफ ओलीडीह थाना में जान मारने की नीयत से फायरिंग किए जाने और रंगदारी मांगने की प्राथमिकी दर्ज की गई थी। गिरफ्तार 10 अपराधियों में आकाश भी शामिल है।