टीम एबीएन, रांची। रांची रेल मंडल के कर्मचारियों ने बुधवार को काला दिवस मना रहे हैं। बिना किसी ड्यूटी रोस्टर के 24 घंटा ड्यूटी देने के विरोध में इन कर्मचारियों ने आंदोलन किया है। रेल मंडल के कर्मचारियों का आरोप है कि बिना किसी रोस्टर के 24 घंटे ड्यूटी पर तैनात रहने से हर साल दर्जनों कर्मचारी जान गंवा रहे हैं। इसके बाद भी रेल प्रशासन द्वारा एसएनटी कर्मियों से अनियमित ड्यूटी कराया जा रहा है। कर्मचारियों का कहना है कि लगातार ड्यूटी करने से उनके स्वास्थ्य और मानसिक स्थिति पर बुरा प्रभाव पड़ रहा है। 9 फरवरी 2019 को पश्चिमी मध्य रेलवे के भोपाल मंडल में कुरवाई कैथोरा के एफएम संजय शर्मा की मौत ड्यूटी पर ही हो गई थी। जिसके बाद उनके शव के ऊपर होकर 19 ट्रेनें गुजर गई। ऐसी ही घटना 22 नवंबर 2021 को उत्तर मध्य रेलवे के झांसी मंडल में भी हुई थी। जब बीसीएस मशीन पर काम कर रहे जेई हेमंत कुमार की मौत हो गई थी और उनके शव को उठाया नहीं गया। कर्मचारियों का कहना है कि ऐसे कई उदाहरण हैं।
काली पट्टी बांधकर ड्यूटी : रेलवे सिग्नल एंड मेंटेनर यूनियन ने रिस्क एंड हार्डशिप एलाउंस और नाइट ड्यूटी फैलियर गैंग की मांग पिछले कई सालों से कर रही है। यूनियन की ओर से महामंत्री अनूप चंद्र प्रकाश ने रेलवे बोर्ड को पत्र भेजकर अपनी मांगों से अवगत भी कराया है। इसी कड़ी में यूनियन की ओर से रांची रेल मंडल में काला दिवस मनाया गया। रांची रेल मंडल के सभी कर्मियों ने काला पट्टी बांधकर गाइडलाइन का अनुपालन करते हुए अपना अपना ड्यूटी भी की।