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पुलिस पर हमला करने से पहले तीन पीएलएफआई नक्सली गिरफ्तार

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पुलिस पर हमला करने से पहले तीन पीएलएफआई नक्सली गिरफ्तार
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टीम एबीएन, रांची। रनिया थाने की पुलिस ने पीएलएफआई सुप्रीमो दिनेश गोप दस्ते के तीन नक्सलियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार नक्सली वही है, जो सुप्रीमो दिनेश गोप के साथ 3 फरवरी को पुलिस पर फायरिंग करने में शामिल था। गिरफ्तार नक्सलियों में जीवन सुरीन उर्फ लगनु, अनिल मांझी और अनमोल गुड़िया शामिल हैं। पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार नक्सली लेवी वसूलने के साथ साथ पीएलएफआई संगठन का विस्तार करने में लगा था। इसके साथ ही पुलिस की गतिविधियों पर नजर रखता था और दिनेश गोप को सूचना देता है। डीएसपी ओपी तिवारी ने बताया कि एसपी आशुतोष शेखर को गुप्त सूचना मिली थी कि कोनबीरकेल गांव के समीप नक्सली दस्ता की ओर से पुलिस पार्टी पर हमला करने की तैयारी कर रहा है। इस सूचना के आधार पर छापेमारी अभियान शुरू किया गया। छापेमारी में अभियान एसपी रमेश कुमार, सीआरपीएफ 94 बटालियन के द्वितीय कमान अधिकारी प्रकाश रंजन मिश्रा और तोरपा डीएसपी के नेतृत्व में गठित टीम गांव की घेराबंदी करते हुए तीनों नक्सलियों को गिरफ्तार किया गया। डीएसपी ने बताया कि गिरफ्तार नक्सलियों के पास से एक मोटरसाइकिल, पर्चा, चंदा रसीद, 11 मोबाइल फोन, दो रायफल सिलिंग और एक गरम पट्टी बरामद किया गया है। उन्होंने कहा कि खूंटी के रनिया और चाईबासा जिले के गुदड़ी थाना के सीमावर्ती क्षेत्र में पीएलएफआई सुप्रीमो दिनेश गोप अपने दस्ते को लेकर जंगलों में छिपा हुआ है और किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की योजना में लगा है। डीएसपी ने बताया कि 3 फरवरी को गुदड़ी में हुए मुठभेड़ के बाद सुप्रीमो दिनेश गोप पुलिस से बचने के लिए सेफ जोन में चला गया है, लेकिन अपने दस्ते के सदस्यों को पुलिस पार्टी पर हमला करने के लिए छोड़ा है। उन्होंने कहा कि गिरफ्तार नक्सलियों से पूछताछ की गई है, जिसमें कई अहम जानकारियां मिली है। पुलिस अधिकारी सूत्रों ने बताया कि सुप्रीमो का ठिकाना का खुलासा हुआ है और पुलिस कार्रवाई में जुट गई है।
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