टीम एबीएन, निरसा (धनबाद)। 1 फरवरी को निरसा थाना क्षेत्र के गोपीनाथपुर ओपन कास्ट प्रोजेक्ट में अवैध उत्खनन के दौरान चाल धंसने से दर्जनों लोगों की मौत हो गई थी। इसी मामले को लेकर गुरुवार को झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी घटनास्थल का निरीक्षण करने के लिए पहुंचे।
उन्होंने सीधे तौर पर इस घटना के लिए कोलियरी प्रबंधन समेत झारखंड सरकार के हेमंत सोरेन को दोषी माना और पुलिस प्रशासन तथा यहां के मैनेजमेंट पर कार्रवाई करने की बात कही। उन्होंने सरकार से मांग की कि झारखंड में हो रहे कोयला तस्करी की जांच सीबीआई से होनी चाहिए।
आगे उन्होंने कहा कि अगर सरकार के द्वारा कोयला तस्करों और यहां के मैनेजमेंट पर कार्रवाई होती है तो ठीक है नहीं तो यह समझा जायेगा कि हेमंत सोरेन सरकार के द्वारा कोयला तस्करी कराया जा रहा है। साथ ही उन्होंने धनबाद एसएसपी पर भी निशाना साधा और कहा कि यहां पर सभी लोग प्रशासन से लेकर मुख्यमंत्री तक कोयला माफिया के साथ मिलकर सिंडिकेट बनाकर कोयले का अवैध व्यापार कर रहे हैं और धनबाद के उपायुक्त कहते हैं कि कोयला चुनने में लोगों की जान गई है। झारखंड में खनिज संपदा की लूट मची हुई है और राज्य सरकार मौन है। अगर यही हाल रहा तो आने वाले समय में झारखंड राज्य एक खनिज संपदाहीन राज्य बन जाएगा, और यहां के लोगों को यहां से पलायन करना पड़ेगा।