टीम एबीएन, कोडरमा। किसान विरोधी कानून को वापस लेने और मांगों पर सरकार से समझौता के बाद एक वर्ष तक चले किसान आंदोलन की समाप्ति के बाद एमएसपी पर कानून बनाने सहित अन्य मांगों पर मोदी सरकार द्वारा कोई पहल नहीं किए जाने के खिलाफ संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर झारखंड राज्य किसान सभा (एआईकेएस) और अखिल भारतीय किसान महासभा (एआईकेएम) ने संयुक्त रूप से किसान आंदोलन के साथ हुए धोखे का के खिलाफ गांधी चौक पर केन्द्र की मोदी सरकार का पुतला दहन कर देशव्यापी विश्वासघात दिवस मनाया। इससे पूर्व पंजाब होटल के समीप से कोडरमा बाजार होते हुए एक जुलूस निकाला गया। जिसमें धोखेबाज मोदी सरकार हाय हाय, किसानों से किया हुआ वादा पूरा करो, फसलों पर एमएसपी लागू करो आदि नारे लगाए जा रहे थे। गांधी चौक पर माकपा नेता रमेश प्रजापति की अध्यक्षता में हुई नुक्कड़ सभा को संबोधित करते हुए किसान सभा के नेता असीम सरकार ने कहा कि यह बताते हुए हमें बेहद दुख हो रहा है कि एक बार फिर देश के किसानों के साथ धोखा हुआ है। भारत सरकार के 9 दिसंबर के जिस पत्र के आधार पर किसान आंदोलन को स्थगित किया गया था, सरकार ने उनमें से कोई वादा पूरा नहीं किया है। आंदोलन के दौरान हुए केस को तत्काल वापस लेने और शहीद परिवारों को मुआवजा देने के वादे पर कोई भी कार्रवाई नहीं हुई है। एमएसपी के मुद्दे पर सरकार ने कमेटी के गठन की कोई घोषणा नहीं की है। इसलिए पूरे देश के किसानों ने आज विश्वासघात दिवस मनाने का फैसला लिया है। केन्द्र सरकार किसानों के धैर्य की परीक्षा लेना बंद करे। माले नेता अशोक यादव ने कहा कि केंद्र सरकार जल्द से जल्द वादा पूरा करे, अन्यथा किसानों के पास आंदोलन को दोबारा शुरू करने के सिवा कोई रास्ता नहीं बचेगा। कार्यक्रम में परमेश्वर यादव, महेंद्र तुरी, मुकेश यादव, नरेश सिहं, मंसूर आलम, शिवनारायण यादव, विजय सिंह, उमा यादव, बहादुर यादव, चांद अख्तर, रामचन्द्र साव सहित दर्जनों लोग मौजूद थे।