एबीएन डेस्क। झारखंड के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) नीरज सिन्हा ने कहा है कि अलग राज्य गठन के बाद पुलिस ने पिछले लगभग 21 वर्षों में 9,631 नक्सलियों को गिरफ्तार किया है। उन्होंने कहा कि इस दौरान उनके कब्जे से पुलिस से लूटे गये 524 हथियारों समेत हजारों हथियार और बड़ी मात्रा में गोला-बारूद भी बरामद किया गया है। बुधवार को देश के 73वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर रांची के पुलिस ग्राउंड में परेड की सलामी लेने के बाद डीजीपी ने बताया कि वर्ष 2000 में बहुत सीमित संसाधनों के साथ निर्मित नये राज्य में अपने संकल्प की बदौलत राज्य की पुलिस ने माओवादियों व अन्य नक्सली संगठनों के खिलाफ अभियान चलाया जिनमें अभी तक कुल 9,631 नक्सली गिरफ्तार किये गये हैं जबकि कई अन्य मुठभेड़ों में मारे गये हैं। उन्होंने बताया कि पुलिस ने पिछले 21 वर्षों में माओवादियों के पोलित ब्यूरो के तीन सदस्यों, उनकी केन्द्रीय समिति के तीन सदस्यों के अलावा क्षेत्रीय समिति के 38 सदस्यों, 90 जोनल कमांडरों, 263 सब जोनल कमांडरों और 420 एरिया कमांडरों की गिरफ्तारी की है। सिन्हा ने कहा कि सुरक्षाबलों ने इस अवधि में नक्सलियों के कब्जे से पुलिस से लूटे गये 524 हथियारों समेत हजारों हथियार और बड़ी मात्रा में गोला बारूद बरामद किया है। उन्होंने बताया कि इस दौरान 229 नक्सलियों को सरेंडर भी करवाया गया। वहीं, मुठभेड़ों में 931 नक्सली मारे गये। डीजीपी ने बताया कि कानून व्यवस्था के अन्य क्षेत्रों में भी राज्य पुलिस ने अनेक सफलताएं प्राप्त की हैं। विशेष कर साइबर अपराध के क्षेत्र में भी पुलिस ने बड़ी कार्रवाइयां की हैं और बड़ी संख्या में अपराधियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस महानिदेशक ने कहा कि कोरोना काल में तो राज्य पुलिस ने मानवता से जुड़े अनेक उल्लेखनीय कार्य किये हैं। उन्होंने गणतंत्र दिवस के अवसर पर सभी से पुलिस का सहयोग करने और राज्य में कानून व्यवस्था की स्थिति कायम रखने की अपील की।