टीम एबीएन, रांची। दोस्त की पत्नी को अगवा कर पिस्टल की नोंक पर उसके साथ दुष्कर्म करने के मामले में दोषी अभियुक्त बुंडू निवासी शंकर जायसवाल को अपर न्यायायुक्त निदेश राय की अदालत ने 11 साल कैद की सजा सुनाई है। साथ ही उस पर 20 हजार रुपये जुर्माना लगाया गया है। जुर्माने की राशि जमा नहीं करने की स्थिति में उसे अतिरिक्त एक साल जेल काटनी होगी। अदालत ने अभियुक्त को उक्त आरोप में 19 जनवरी को दोषी ठहराया था। आरोपी के खिलाफ खुद पीड़िता ने दो नवंबर 2017 को बुंडू थाने में कांड संख्या 70/2017 के तहत प्राथमिकी दर्ज करवाई थी। एपीपी श्याम प्रसाद चौधरी ने बताया कि घटना के दिन 31 अक्टूबर 2017 की सुबह सात बजे पीड़िता हटिया से सिंह मोड़ स्थित देवर के घर जा रही थी। रास्ते में पीड़िता के पति का मित्र शंकर जायसवाल से मुलाकात हो गई। बातचीत के क्रम में पीड़िता के पति को कहीं से फोन आया और वह अपने मित्र पर विश्वास कर उसे कहा कि मेरी पत्नी को इसके देवर के घर तक छोड़ दो। यह कहकर पीड़िता के पति अपने काम से कहीं निकल गया। आरोपी शंकर जायसवाल ने अपने मित्र की पत्नी को बहला-फुसलाकर अपने निवास स्थान बुंडू पतराटोली ले गया। वहां ले जाकर उसे एक कमरे में बंद कर दिया। पिस्टल का भय दिखाकर उसके साथ दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया। साथ ही दुष्कर्म का वीडियो भी बना लिया। इसके बाद पीड़िता को धमकी देते हुए कहा कि इस घटना का जिक्र किसी से नहीं करोगी। अन्यथा तुम्हारे खानदान को समाप्त कर देंगे। तुम्हारे 2 साल के बेटे को जान से मार देंगे। इसके बाद पीड़िता अपने घर आकर अपने पति से घटना का जिक्र किया। सुनवाई के दौरान अदालत ने अपहरण एवं दुष्कर्म दोनों आरोप में दोषी पाकर सजा सुनाई है।