- धनबाद : कतरास में दोस्ती के भरोसे का कत्ल! पैसों के लालच में मुन्ना पांडेय की हत्या, दो करीबी दोस्त गिरफ्तार
- दशहरा में कमाए 20 हजार रुपये बने हत्या की वजह
- दोस्तों ने ही मुन्ना पांडेय को उतारा मौत के घाट
- पार्टी के बहाने घर पहुंचे दोस्त, चोरी करते पकड़े जाने के डर से कर दी मुन्ना पांडेय की निर्मम हत्या
- मां लिलोरी मंदिर में श्रद्धालुओं को रक्षा सूत्र बांधने वाले मुन्ना की हत्या का पर्दाफाश, दो आरोपी गिरफ्तार
- पहले डिस केबल से गला घोंटा, फिर चाकू से रेता गला
- कतरास पुलिस ने सुलझाई हत्या की गुत्थी
एबीएन न्यूज नेटवर्क, कतरास। मां लिलोरी मंदिर परिसर में आने वाले श्रद्धालुओं को रक्षा सूत्र बांधने वाले मुन्ना पांडेय की हत्या का राज आखिरकार खुल गया। जिस दोस्ती और भरोसे के दम पर मुन्ना पांडेय आरोपियों के साथ उठते-बैठते और खाते-पीते थे, वही दोस्त उनकी मौत की वजह बन गए। पुलिस के मुताबिक, दशहरा पूजा के दौरान कमाए गए 15 से 20 हजार रुपये के लालच में उनके ही दो परिचितों ने लूटपाट के इरादे से घर में घुसकर उनकी हत्या कर दी।
कतरास थाना क्षेत्र के इस चर्चित हत्याकांड का खुलासा करते हुए पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में भगत सिंह चौक निवासी 33 वर्षीय मिथुन गोप और आमटांड़ निवासी वर्षीय सोनू कुमार राय उर्फ बजरंगी शामिल हैं।
पार्टी के बहाने पहुंचे, फिर रुपये की तलाश में करने लगे चोरी
पुलिस की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, दोनों आरोपी मुन्ना पांडेय के परिचित थे और अक्सर उनके साथ बैठकर शराब पीते तथा खाना खाते थे। उन्हें जानकारी थी कि दशहरा पूजा के दौरान मुन्ना ने करीब 15 से 20 हजार रुपये कमाए हैं। बताया जाता है कि 28 अक्टूबर की रात दोनों आरोपी पार्टी के बहाने मुन्ना के घर पहुंचे।
पार्टी के लिए पैसे मिलने के बाद जब मुन्ना नशे की हालत में सो गए, तो दोनों घर में रखे रुपये और कीमती सामान की तलाश करने लगे। इसी दौरान कांसे का एक बर्तन गिरने से तेज आवाज हुई और मुन्ना की नींद खुल गई। चोरी की पोल खुलने और पकड़े जाने के डर से दोनों ने खौफनाक वारदात को अंजाम दे दिया।
डिस केबल से गला घोंटा, चाकू से रेता गला
पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने पहले टीवी के डिस केबल तार से मुन्ना का गला घोंटने की कोशिश की। इसके बाद चाकू से गला रेतकर उनकी हत्या कर दी। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी घर से सामान लेकर फरार हो गए।
चोरी का सामान और हत्या में प्रयुक्त हथियार बरामद
मामले की जांच के दौरान गिरफ्तार आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने कई महत्वपूर्ण साक्ष्य बरामद किए हैं। इनमें चोरी किया गया सैमसंग कंपनी का एलईडी टीवी, कांसे की तीन प्लेट, हत्या में इस्तेमाल किया गया चाकू, खून लगा कपड़ा और काले रंग का डिस केबल तार शामिल हैं।
एसडीपीओ बाघमारा के नेतृत्व में गठित हुई थी एसआईटी
घटना की गंभीरता को देखते हुए वरीय पुलिस अधीक्षक धनबाद के निर्देश पर बाघमारा अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी के नेतृत्व में विशेष जांच टीम (एसआईटी) गठित की गई थी। टीम ने तकनीकी एवं वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर जांच करते हुए दोनों आरोपियों तक पहुंचने में सफलता हासिल की।
छापेमारी दल में कतरास थाना प्रभारी प्रवीण कुमार, पुलिस अवर निरीक्षक दुर्गेश कुमार सिंह, मनोज कुमार, निर्भय कुमार, पवन तिर्की, सत्येंद्र यादव तथा सहायक अवर निरीक्षक शैलेश कुमार सहित सशस्त्र पुलिस बल के जवान शामिल थे।
पुलिस की इस कार्रवाई के साथ ही मुन्ना पांडेय हत्याकांड की गुत्थी सुलझ गई है।
हालांकि, इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि पैसों के लालच में इंसान किस हद तक गिर सकता है। जिस व्यक्ति के साथ बैठकर आरोपी हंसी-मजाक और खानपान करते थे, उसी की जान लेने से भी पीछे नहीं हटे।