- प्रो विष्णु चरण महतो की 40 वीं पुण्यतिथि मनाई गई
- बिष्णु बाबू के सामाजिक योगदान को युवा पीढ़ी तक पहुँचाना जरुरी : आदित्य साहु
टीम एबीएन, रांची। झारखंड आंदोलन के अग्रणी नेता, महान समाजसेवी, विधि ज्ञाता एवं कुरमाली भाषा के संरक्षक प्रो विष्णु चरण महतो की 40 वीं पुण्यतिथि के अवसर पर आज राँची के सिटी प्लेस सभागार में श्रद्धांजलि समारोह का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में राज्यसभा सांसद एवं झारखंड भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष प्रो आदित्य प्रसाद साहु उपस्थित हुए। इस अवसर पर डॉ. मंजय प्रमाणिक द्वारा लिखित पुस्तक कुरमाली डहर का लोकार्पण किया गया। साथ ही कुरमाली कवि देवेंद्र नाथ महतो द्वारा रचित गीत कुरमाली वीडियो का भी विमोचन किया गया।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि ने अपने संबोधन में कहा कि विष्णु चरण महतो जैसे महान विभूतियों के योगदान को इतिहास के पन्नों में उचित स्थान मिलना चाहिए। ऐसे महापुरुषों के संघर्ष, विचार और सामाजिक योगदान को संरक्षित कर आने वाली पीढ़ियों तक पहुँचाना आवश्यक है। उन्हें केवल पुण्यतिथि पर याद करना पर्याप्त नहीं, बल्कि समाज और इतिहास में उन्हें उनका उचित सम्मान एवं स्थान दिलाना भी हम सभी की जिम्मेदारी है।
कुरमाली भाषा परिषद के अध्यक्ष डॉ. राजाराम महतो ने कहा कि विष्णु चरण महतो का जीवन संघर्ष, समाजसेवा और सामाजिक चेतना का प्रतीक रहा है। उन्होंने झारखंड आंदोलन के साथ-साथ कुरमाली भाषा एवं संस्कृति के संरक्षण और संवर्धन में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
समारोह में वक्ताओं ने विष्णु चरण महतो के सामाजिक योगदान, झारखंड आंदोलन में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका तथा कुरमाली भाषा एवं संस्कृति के संरक्षण के प्रति उनके समर्पण को याद किया। वक्ताओं ने कहा कि उनका जीवन और संघर्ष आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत है।
इस अवसर पर डॉ. नीना महतो, विंग कमांडर ज्ञानेश्वर सिंह, भगीरथ महतो, सत्यनारायण महतो, प्रो. गोवर्धन महतो, सरोज सिंह, जयप्रकाश महतो, अधिवक्ता मृत्युंजय प्रसाद , रोहित महतो, प्रभा महतो, अहिल्या महतो, शक्तिधर महतो, अधिवक्ता हरेंद्र कुमार महतो, दिलेश्वर महतो, कपिलदेव महतो एवं अशोक महतो सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित थे।
इस अवसर पर अलावा कुरमाली भाषा के कवि एवं साहित्यकारों देवेंद्र महतो, डॉ. नीलू कुमारी, डॉ. प्रोफेसर हाराधन महतो, डॉ. मानसिंह महतो, विजराज महतो, गंगाधर मुंडा, गुड्डी कुमारी, सीता कुमारी, कन्हाई कोइरी एवं भगीरथ महतो सहित अनेक साहित्य प्रेमियों को सम्मानित भी किया गया।