- जहां तक जमीन खोखली हुई है, जांच कर बालू भराई कराए बीसीसीएल; 72 घंटे में कार्रवाई नहीं तो चक्का जाम: विनोद गोस्वामी
- 27 तारीख के सत्याग्रह और उपायुक्त को सौंपे ज्ञापन पर नहीं हुई कोई पहल, ग्रामीणों में भारी उबाल
- कलाली फाटक ROB निर्माण की DGMS व IIT-ISM जांच रिपोर्ट सार्वजनिक करे प्रशासन, वरना काम होगा ठप
- सेलेक्टर में भू-धंसान प्रबंधन की नाकामी, ग्रामीणों को उजाड़ने का नोटिस वापस ले बीसीसीएल
- पिलर कटने से कतरास बाजार, सिजुआ, छाताबाद समेत दर्जनों बस्तियों और डीसी रेल लाइन पर भारी खतरा
- विरोध पर हवाई फायरिंग करने वाले कोयला चोरों पर CISF और पुलिस मेहरबान होने का आरोप
एबीएन न्यूज नेटवर्क, कतरास (धनबाद)। कतरास कोयलांचल में जारी अवैध खनन, पिलर कटाई से बने खतरनाक भूमिगत खोखलेपन और प्रशासनिक लापरवाही के खिलाफ गुहीबांध में ग्रामीणों की एक विशाल महापंचायत आयोजित की गई। कोयलांचल बचाओ समिति के व पूर्व पार्षद विनोद गोस्वामी ने बैठक को संबोधित किया।
बैठक में ग्रामीणों ने जोरदार आक्रोश जताते हुए कहा कि विगत 27 तारीख को समिति द्वारा एक दिवसीय सत्याग्रह आंदोलन कर कतरास थाना के माध्यम से उपायुक्त (DC) को विस्तृत मांग-पत्र सौंपा गया था। इतने दिन बीत जाने के बावजूद जिला प्रशासन और बीसीसीएल (BCCL) प्रबंधन ने इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया। इस लगातार उपेक्षा से स्थानीय जनता में भारी रोष व्याप्त है। तकनीकी पहलुओं पर बात करते हुए विनोद गोस्वामी ने कहा कि अंधाधुंध पिलर कटाई के कारण जमीन के नीचे भारी शून्य/खोखलापन बन चुका है।
बीसीसीएल और DGMS तत्काल आधुनिक वैज्ञानिक जांच (GPR व बोरहोल मैपिंग) कराकर स्थिति स्पष्ट करें और सार्वजनिक करें कि जमीन किस गहराई तक तथा कहाँ-कहाँ खोखली हो चुकी है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जब तक इन खोखले हिस्सों में स्लरी पाइपलाइन के जरिए वैज्ञानिक तरीके से बालू भराई नहीं कराई जाएगी, तब तक ऊपर से केवल मुहाना ढकने की खानापूर्ति का कोई औचित्य नहीं है।
कलाली फाटक पर निर्माणाधीन रेलवे ओवरब्रिज (ROB) की सुरक्षा पर सवाल उठाते हुए उन्होंने मांग की कि DGMS और IIT-ISM द्वारा की गई सुरक्षा जांच रिपोर्ट को अविलंब सार्वजनिक किया जाए। यदि रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं की जाती है, तो ग्रामीण मौके पर पहुंचकर पुल निर्माण कार्य को पूरी तरह ठप कराएंगे और अनिश्चितकालीन धरना देंगे। वहीं, सेलेक्टर क्षेत्र में भू-धंसान को प्रबंधन की नाकामी बताते हुए उन्होंने ग्रामीणों को घर खाली करने के लिए दिए गए नोटिस को तुरंत निरस्त करने की मांग की।
बैठक में उपस्थित वक्ताओं ने कहा कि कतरास बाजार, गोविंदपुर, कलाली फाटक, गुहीबांध, केशलपुर, पंचगढ़ी बाजार, रानी बाजार, लिटिल धौड़ा, छाताबाद, सिजुआ और अंगारपथरा जैसी घनी बस्तियों के साथ-साथ डीसी रेल लाइन के नीचे भी अवैध कोयला कटाई बेरोकटोक जारी है। परसों जब ग्रामीणों ने इसका विरोध किया, तो कोयला तस्करों व अपराधियों ने दहशत फैलाने के लिए कई राउंड हवाई फायरिंग की। इसके बावजूद स्थानीय पुलिस प्रशासन ने कोई कार्रवाई नहीं की और राष्ट्रीय संपत्ति की दिनदहाड़े हो रही लूट पर सीआईएसएफ (CISF) भी मूकदर्शक बनी हुई है।
श्री गोस्वामी और ग्रामीणों ने ऐलान किया कि कल बीसीसीएल एरिया 3 और एरिया 4 के महाप्रबंधक (GM) को पुनः मांग-पत्र सौंपा जाएगा। यदि अगले 72 घंटे के भीतर छाताबाद, केशलपुर और सेलेक्टर के मुहानों की डोजरिंग शुरू नहीं की गई, बालू भराई की ठोस पहल नहीं हुई, अवैध खनन पर पूर्ण रोक नहीं लगी और जांच रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं की गई, तो क्षेत्र की जनता के साथ मिलकर बीसीसीएल का पूर्ण चक्का जाम किया जाएगा।
महापंचायत में मुख्य रूप से अनुज सिंह, शैलेंद्र सिंह, शौकत खान, मांगनी सिंह, पप्पू सिंह, निजाम अंसारी, शमशेर आलम, नवाब शेख, अमृत चौहान, रोहित शर्मा, रणजीत कुमार, लड्डू सिंह, महफूज अंसारी, सुमित कुमार, गुड्डू अंसारी, किशन शर्मा, असित सिंह, कन्हैया चौहान, महताब आलम, बैलून रवानी, किशन पंडित सहित सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे।