झरिया सीओ मनोज कुमार और अंचल निरीक्षक राम रतन पांडे के निलंबन की मांग
एबीएन न्यूज नेटवर्क, धनबाद। जोशी न्यूज लगातार झरिया अंचल कार्यालय के भीतर पल रहे भ्रष्टाचार और प्रशासनिक तानाशाही को बेनकाब कर रहा है, लेकिन धनबाद जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी गहरी कुंभकर्णी नींद में सोये हुए हैं। जनता के बीच अब यह चर्चा तेज हो गयी है कि क्या उच्च अधिकारियों तक भी अवैध रिश्वत और भ्रष्टाचार का हिस्सा पहुंच रहा है जिसके कारण भ्रष्ट अधिकारियों को खुली छूट मिली हुई है।
इसी कड़ी में लखी राजवार के जमीन विवाद मामले को लेकर झरिया अंचल कार्यालय के खिलाफ जोरदार आक्रोश फूट पड़ा है। सीओ मनोज कुमार और अंचल निरीक्षक राम रतन पांडे की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाते हुए दोनों को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने की पुरजोर मांग की जा रही है।
हद तो तब पार हो गयी जब शनिवार को 15 से 20 की संख्या में लोगों ने अंचल कार्यालय के बाहर जोरदार धरना प्रदर्शन किया और इन दोनों भ्रष्ट अधिकारियों के तत्काल निलंबन की मांग उठायी। प्रदर्शनकारियों का साफ तौर पर कहना था कि अंचल कार्यालय में नियमों और कायदे कानूनों की सरेआम धज्जियां उड़ायी जा रही हैं।
यह पूरा मामला सिविल वाद संख्या 153/2024 से जुड़ा हुआ है। सिविल न्यायालय ने वादी के पक्ष में स्थायी निषेधाज्ञा का फैसला सुनाते हुए बीसीसीएल की अवैध एवं अनुचित प्रविष्टि को वादी पर बाध्यकारी नहीं माना था। न्यायालय के स्पष्ट आदेश के बावजूद झरिया अंचल कार्यालय द्वारा लखी राजवार के आवेदन पर अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गयी और न ही पंजी 2 में आवश्यक सुधार किया गया।
इसके अलावा जीना गोरा निवासी अजय यादव द्वारा दिए गए आवेदन पर भी सीओ मनोज कुमार और अंचल निरीक्षक राम रतन पांडे ने अब तक कोई संज्ञान नहीं लिया है। आम जनता अपनी फरियाद और न्याय की उम्मीद लेकर अंचल कार्यालय पहुंचती है लेकिन बिना रिश्वत के यहां किसी की फाइल आगे नहीं बढ़ती और महीनों चक्कर काटने के बाद लोगों को केवल निराशा मिलती है।
झरिया अंचल में अंचल अधिकारी और अंचल निरीक्षक राम रतन पांडे की मनमर्जी और खुली लूट से जनता पूरी तरह बेहाल हो चुकी है। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यह उठता है कि धनबाद की भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो एसीबी की टीम आखिर क्या कर रही है। भ्रष्टाचार और न्यायालय के आदेश की अवहेलना के इतने पुख्ता मामले सामने आने के बावजूद एसीबी की टीम खामोश क्यों है? क्या एसीबी छापामारी कर इन अधिकारियों को गिरफ्तार करेगी या जनता यह मान ले कि जांच एजेंसियां भी इस भ्रष्ट तंत्र के आगे लाचार और बिक चुकी हैं।
पीड़ित लखी राजवार ने जिला प्रशासन से मांग की है कि पूरे मामले की उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच करायी जाये। सीओ मनोज कुमार एवं अंचल निरीक्षक राम रतन पांडे के विरुद्ध कड़ी विभागीय कार्रवाई करते हुए दोनों को तत्काल निलंबित किया जाये तथा सिविल कोर्ट के फैसले के अनुरूप पंजी 2 में आवश्यक सुधार जल्द से जल्द सुनिश्चित किया जाये।
उन्होंने तीखा सवाल दागते हुए कहा कि जब अदालत से न्याय मिल चुका है, तब भी आम जनता को सरकारी दफ्तरों के चक्कर क्यों काटने पड़ रहे हैं? प्रशासन की मूल जिम्मेदारी है कि वह न्यायालय के फैसले का सम्मान करे और आम जनता के आवेदनों पर समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करे। न कि भ्रष्टाचार को बढ़ावा दे। एबीएन जनता के अधिकारों की इस लड़ाई को प्रमुखता से उठाता रहेगा और अंचल कार्यालय के हर काले कारनामे को लगातार बेनकाब करता रहेगा।