टीम एबीएन, रांची। वर्तमान जेएमएम-कांग्रेस सरकार ने राज्य में नियुक्तियों से संबंधित पूर्व में जारी किए गए विज्ञापन जिनके संबंध में चयन की प्रक्रिया पूरी भी कर ली गई थी, को रद्द कर दिया है। नई नियमावली इत्यादि बनाकर नए सिरे से नियुक्तियां करने के लिए विज्ञापन जारी कर दिए हैं। नए विज्ञापन जारी करने के क्रम में उम्र सीमा से संबंधित कट ऑफ डेट को भी बदल दिया गया है। इसके कारण लाखों की संख्या में अभ्यर्थी परीक्षा देने से वंचित हो रहे हैं। हमारी सरकार के कार्यकाल में यह मानते हुए कि राज्य के गठन के बाद कई वर्षों तक विभिन्न पदों पर नियुक्तियां नहीं की जा सकी थी, अधिक से अधिक युवाओं अभ्यर्थियों को परीक्षाओं में शामिल करने के उद्देश्य से 2010 अथवा 2016 को कट ऑफ डेट निर्धारित किया गया था। उसी कट ऑफ डेट के आधार पर 2019 तक विज्ञापन निकाले गए, जिसमें अभ्यार्थीगण शामिल भी हुए और कई मामलों में सफल भी हुए। परंतु अब राज्य सरकार ने कट ऑफ डेट को बदलकर 2021 कर दिया है, जिससे भारी संख्या में अभ्यर्थियों को चयन प्रक्रिया से बाहर हो गये हैं। झामुमो कांग्रेस की सरकार ने राज्य के नौजवानों से नौकरियां देने का वादा किया था। अब नौकरियां देना तो दूर उनको चयन की प्रक्रिया से भी बाहर कर देना का काम किया है, ताकि अपने मन मुताबिक और फायदे के लिए नियुक्तियां की जा सके। यह आम धारणा जनता में बनी हुई है कि राज्य का पूरा तंत्र भ्रष्टाचार, लेनदेन और मनचाही नियुक्तियों बेचने का कार्य कर रहा है। स्थानीय नीति में हमारी सरकार ने स्थानीय अभ्यर्थियों को प्राथमिकता देने का कार्य किया था। उसे भी रद्द कर दिया गया है। इससे संबंधित अनेकों मामले न्यायालय में भी चल रहे हैं। राज्य सरकार के सभी विज्ञापनों में यह भी स्पष्ट कर दिया गया है कि सारी नियुक्तियां रमेश हांसदा के मामले में होने वाले निर्णय पर से प्रभावित होंगी। जाहिर है कि रमेश हांसदी के मामले में माननीय न्यायालय ने यह टिप्पणी भी की है कि राज्य के द्वारा बनाई गई नियमावली असंवैधानिक है। ऐसे में नियुक्तियों का विज्ञापन जारी कर और नियुक्तियों के लिए प्रक्रियाओं को आरंभ कर राज्य सरकार झारखंड के युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही है और उनकी आंखों में धूल झोंकने का कार्य कर रही है। माननीय न्यायालय द्वारा यदि नियमावली रद्द हो जाएगी तो सारी नियुक्ति प्रक्रिया स्वतः ही निरस्त हो जाएगी। ऐसा लगता है कि राज्य सरकार की मंशा ही यही है कि नियुक्तियों के मामले को उलझा कर, लटका कर, भटका कर रखा जाए। युवा धोखे में रहे और झामुमो-कांग्रेस सरकार अपना लूटतंत्र चला कर अपना घर भरती रहे। मैं यह स्पष्ट करना चाहता हूं कि यदि भाजपा की सरकार राज्य में आएगी तो सभी अभ्यर्थियों को, जो समय से परीक्षा नहीं होने के कारण वंचित रहे हैं, उनको उम्र सीमा का लाभ देते हुए उनको चयन प्रक्रिया में जरूर मौका दिया जाएगा। बताते चलें कि भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सह पूर्व मुख्यमंत्री श्री रघुवर दास कल 23 जनवरी रविवार को रांची प्रेसक्लब में अपराह्न 12.30 बजे प्रेसवार्ता को संबोधित करेंगे।