- भ्रूण लिंग जांच की आशंका और पीसी एंड पीएनडीटी एक्ट के उल्लंघन पर प्रशासन की कार्रवाई, दो केंद्रों की हुई जांच
- डीसी आदित्य रंजन के निर्देश पर अल्ट्रासाउंड केंद्रों में छापेमारी, तोपचांची जांच घर की मशीन सील
- नियमों की अनदेखी करने वाले अल्ट्रासाउंड केंद्रों पर प्रशासन सख्त, सिविल सर्जन को कानूनी कार्रवाई का निर्देश
एबीएन न्यूज नेटवर्क, धनबाद। जिले में संचालित अल्ट्रासाउंड केंद्रों की कार्यप्रणाली पर प्रशासन ने निगरानी तेज कर दी है। भ्रूण के लिंग निर्धारण जैसी प्रतिबंधित गतिविधियों पर अंकुश लगाने और स्वास्थ्य केंद्रों में निर्धारित नियमों का अनुपालन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से प्रशासनिक टीम ने दो अलग-अलग स्थानों पर औचक निरीक्षण किया।
उपायुक्त आदित्य रंजन के निर्देश पर सरायढेला स्थित न्यू रिलीफ डायग्नोस्टिक सेंटर और तोपचांची स्थित तोपचांची जांच घर की जांच की गयी। इस दौरान दोनों केंद्रों में उपलब्ध व्यवस्थाओं और दस्तावेजों का जायजा लिया गया। सरायढेला स्थित न्यू रिलीफ डायग्नोस्टिक सेंटर में भ्रूण के लिंग परीक्षण से संबंधित कथित अनियमितता की आशंका सामने आने के बाद प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लिया।
वहीं, तोपचांची जांच घर में पीसी एंड पीएनडीटी एक्ट के प्रावधानों के उल्लंघन का मामला पाये जाने पर प्रशासनिक टीम ने अल्ट्रासाउंड मशीन को सील कर दिया। प्रशासन ने इस मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू करने के लिए सिविल सर्जन को नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया है।
अवैध लिंग जांच पर प्रशासन की नजर
गौरतलब है कि पीसी एंड पीएनडीटी एक्ट के तहत गर्भ में पल रहे शिशु के लिंग की जांच करना और इसकी जानकारी देना प्रतिबंधित है। प्रशासन की इस कार्रवाई को जिले में संचालित अल्ट्रासाउंड केंद्रों को नियमों के दायरे में रखने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि स्वास्थ्य सेवाओं के नाम पर नियमों का उल्लंघन करने वाले संस्थानों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जायेगी।