- वरीय अधिकारियों की मध्यस्थता के बाद नगर पंचायत कर्मियों ने हड़ताल वापस ली
- ट्रेड लाइसेंस विवाद को लेकर जनप्रतिनिधियों और कर्मियों में ठनी थी
एबीएन न्यूज नेटवर्क, हुसैनाबाद, पलामू। शहर के आकाशदीप बिरयानी महल और आकाशदीप मिष्ठान भंडार में ट्रेड लाइसेंस को लेकर उठे विवाद के बाद नगर पंचायत कर्मियों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों के बीच तकरार हो गई थी, जिससे दो दिनों से शहर में सफाई और पानी सप्लाई समेत अन्य कार्य बाधित थे।बुधवार को पलामू उपायुक्त दिलीप प्रताप सिंह शेखावत के निर्देश पर देर रात नगर पंचायत कार्यालय में बैठक हुई।
बैठक में एसडीएम समीर अल्फ्रेड मुर्मू, नगर पंचायत अध्यक्ष अजय भारती, उपाध्यक्ष सुनील कुमार चौधरी, सभी वार्ड पार्षद, पुलिस निरीक्षक सह थाना प्रभारी चंदन कुमार, कार्यपालक पदाधिकारी शशि शेखर सुमन, नगर प्रबंधक और सभी कर्मी मौजूद थे। घंटों चली बैठक के बाद दोनों पक्षों के बीच समझौता हुआ और कर्मियों ने कार्य बहिष्कार समाप्त कर सभी कार्यों को पूर्व की तरह सुचारू रूप से शुरू करने का निर्णय लिया।
क्या है मामला
संगत मुहल्ला निवासी आकाशदीप मोदनवाल के प्रतिष्ठान को नगर पंचायत ने ट्रेड लाइसेंस और भवन निर्माण से संबंधित मामले में सील किया था। 22 अक्टूबर को 25,640 रुपये भुगतान के बाद दुकान का सील खोला गया। आरोप है कि चार दिन बाद नगर पंचायत ने गलत जानकारी देने का हवाला देते हुए मिठाई फैक्ट्री को सील करने का नोटिस देने के लिए सिटी मैनेजर और कर्मियों को उनके आवास पर भेजा।
नगर पंचायत कर्मियों का आरोप है कि इस दौरान अध्यक्ष अजय भारती, पार्षद राजकुमार कश्यप, बसपा नेता शेर अली और अन्य लोगों ने उनके साथ गाली-गलौज और हाथापाई की। इससे कर्मी दहशत में आकर हड़ताल पर चले गए।
वहीं आकाशदीप का आरोप है कि नगर पंचायत द्वारा उन्हें व्यक्तिगत रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है। उनसे 1 लाख रुपये नकद लेकर मात्र 25,640 रुपये की रसीद दी गई और बाद में आवासीय घर को सील करने का प्रयास किया गया, जिसमें उनकी पत्नी और महिला कर्मियों के साथ दुर्व्यवहार किया गया। दोनों पक्षों ने हुसैनाबाद थाने में आवेदन देकर जांच की मांग की है।
कार्यपालक पदाधिकारी ने कहा
कार्यपालक पदाधिकारी शशि शेखर सुमन ने कहा कि वरीय अधिकारियों की मौजूदगी में वार्ता के बाद सभी मतभेद समाप्त कर लिए गए हैं और सभी कार्य पूर्व की तरह संचालित करने का आदेश दिया गया है। उन्होंने कहा कि आकाशदीप द्वारा चार जगहों पर दुकानें संचालित की जा रही हैं और उन्होंने गलत जानकारी देकर तथ्य छुपाए थे। 25,640 रुपये का ही भुगतान हुआ है।
उन्होंने कर्मियों को निर्भीक होकर नियमानुसार और पारदर्शिता के साथ कार्य करने का निर्देश दिया और कहा कि ट्रेड लाइसेंस व अन्य जानकारी नगरपालिका डिजिटल ऐप पर भी उपलब्ध है। यदि कर्मियों के साथ मारपीट या धमकी की घटना दोहराई गई तो नगरपालिका अधिनियम 2011 के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।