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आदिवासियों के मसीहा कार्तिक उरांव को सांसद सुखदेव भगत ने दी श्रद्धांजलि

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आदिवासियों के मसीहा कार्तिक उरांव को सांसद सुखदेव भगत ने दी श्रद्धांजलि
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सुखदेव भगत बोले- बाबा कार्तिक उरांव के पदचिन्हों पर चलकर ही होगा समाज का विकास 

आदिवासियों के मसीहा बाबा कार्तिक उरांव की जयंती हिरही ग्राम में धूमधाम से मनी 

एबीएन न्यूज नेटवर्क, लोहरदगा। आदिवासियों के मसीहा, दूरदर्शी नेता, श्रेष्ठ शिक्षाविद् और अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त अभियंता, पूर्व केंद्रीय मंत्री और लोहरदगा के पूर्व सांसद स्वर्गीय कार्तिक उरांव की जयंती आज हिरही ग्राम में बड़े ही हर्षोल्लास और पारंपरिक तरीके से मनायी गयी। 

इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि लोहरदगा लोकसभा के सांसद सह छत्तीसगढ़ राज्य के प्रभारी सुखदेव भगत थे। कार्यक्रम स्थल पहुंचने पर आयोजन समिति और ग्रामीणों ने सांसद श्री भगत का पारंपरिक ढंग से ढोल-नगाड़ों के साथ भव्य स्वागत किया। सबसे पहले सांसद सुखदेव भगत ने स्वर्गीय कार्तिक उरांव की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके योगदान को याद किया।  

मौके पर उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए सांसद सुखदेव भगत ने कहा कि बाबा कार्तिक उरांव जी बचपन से ही कुशाग्र बुद्धि के थे। एक साधारण गरीब आदिवासी परिवार में जन्म लेकर भी अपनी कड़ी मेहनत और लगन के बल पर उन्होंने विदेश में जाकर उच्च शिक्षा प्राप्त की। फिर देश सेवा के लिए उन्होंने राजनीति के क्षेत्र में कदम रखा और इस क्षेत्र से सांसद भी रहे।

उन्होंने कहा कि उन्होंने अपना पूरा जीवन आदिवासी समाज के उत्थान और विकास के लिए समर्पित कर दिया। देश भर के आदिवासियों को एक सूत्र में बांधने के लिए उन्होंने अखिल भारतीय आदिवासी विकास परिषद का गठन किया था, जो आज भी आदिवासियों की आवाज बुलंद कर रहा है।श्री भगत ने जोर देते हुए कहा कि शिक्षा हमारे लिए सबसे जरूरी है। 

आदिवासी समाज हो या किसी भी समाज या क्षेत्र का विकास, उसमें शिक्षा का सबसे बड़ा योगदान होता है। हमें कार्तिक उरांव के विचारों को आत्मसात करते हुए उनके बताए मार्ग पर चलने की आवश्यकता है। तभी आज के दिन यह उनके लिए सच्ची श्रद्धांजलि होगी। इस अवसर पर भव्य जतरा का भी आयोजन किया गया था, जिसमें दर्जनों खोड़हा नृत्य दलों के लोग शामिल हुए थे। पारंपरिक वेशभूषा में आदिवासी नृत्य दलों ने मनमोहक प्रस्तुति दी। 

सांसद स्वयं खोड़हा नृत्य दलों में शामिल हुए और उनके साथ नृत्य कर उनका हौसला बढ़ाया। सांसद के इस आत्मीय व्यवहार से ग्रामीणों में काफी खुशी देखी गयी। मौके पर संरक्षक सुनील भगत ,अध्यक्ष वाजी उरांव, राजेश उरांव, महावीर उरांव, प्रेम रंजन उरांव, नीरू शांति भगत, आलोक साहू, वीरेंद्र यादव, कुलदीप शाखा, किशोर उरांव सहित काफी संख्या में लोग उपस्थित थे।

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