Breaking
ताज़ा समाचार लोड हो रहा है...
लाइव: 20
होम ई-पेपर देश झारखंड खेल समाचार राज काज कानून व्यवस्था करियर बिजनेस वर्ल्ड हेल्थ विचार ज्ञान विज्ञान समाज वन और पर्यावरण मनोरंजन बिहार विज्ञापन
झारखंड

गायत्री परिवार ने धूमधाम से मनाया गायत्री दीपयज्ञ

शेयर करें: WhatsApp Facebook X Back to ePaper
गायत्री परिवार ने धूमधाम से मनाया गायत्री दीपयज्ञ
विज्ञापन

नवयुग सृजन अभियान व गायत्री दीपयज्ञ के सूत्रों पर प्रकाश डाल व स्वस्तिक स्वरूप में दीपयज्ञ विधान हुआ 

टीम एबीएन, रांची। अखिल विश्व गायत्रीपरिवार शान्तिकुञ्ज तत्वावधान व मार्गदर्शन में नई दिल्ली इन्दिरा गांधी स्टेडियम में त्रिदिवसीय त्रिसंयोग संगम जन्म शताब्दी वर्ष समारोह 31 अक्टूबर से होने जा रहा है। इस आयोजन में झारखंड प्रांत से रांची, टाटानगर सहित अन्य जिलों से सौ से अधिक सक्रिय कर्मठ नवयुग दल युवा प्रकोष्ठ सदस्यगण, झारखंड सांस्कृतिक कार्यक्रम टीम और समन्वयक प्रभारी प्रतिनिधिगण भाग लेने जा रहे हैं। 

इस क्रम में रांची शक्तिपीठ से प्रभारी समन्वयक, प्रतिनिधिगण भी कल दिल्ली पहुंचेंगे। इस बीच रांची शक्तिपीठ के परिव्राजक प्रमोद कुमार के गुरुभाई मित्र के आवास वाराणासी पहुंचने पर मित्र परिवार जनों द्वारा  वहां सायंकाल दीपयज्ञ विधान कराया गया। 

दीपयज्ञ कार्यक्रम दौरान प्रमोद कुमार ने युग निर्माण योजना अभियान अंतर्गत सद्भाव, सद्विचार व सत्कर्म का विकास एवं विस्तार- संवर्धन के लिए गायत्री यज्ञीय प्रक्रिया पर प्रकाश डाला। बताया कि नवयुग सृजन अभियान में पूज्यवर श्रीगुरुदेव वेदमूर्ति- तपोनिष्ठ पं श्रीराम शर्मा आचार्य ने अपने प्रत्यक्ष मार्गदर्शन में एक जन अभियान प्रारंभ किया था। यह अभियान दैवी अनुशासन, अनुसरण, निर्देशन एवं निष्ठापूर्वक पालन से आश्चर्यजनक गतिशील प्रगतिशील कदम में बढ़ता गया।

यह यज्ञीय अनुष्ठान विधान-प्रक्रिया अधिक सक्रिय सुगम व्यापक  तथा जन-जीवन में यज्ञीय भावना का प्रवेश करते, हितकारी बनते हुए पर्याप्त सफलता लोकप्रिय और प्रभावशाली सिद्ध हुए। बताया कि गायत्री परिवार की यज्ञीय प्रक्रिया व कार्यक्रम में सभी वर्गो के लोग बिना किसी झिझक के यज्ञीय विधान हवन-यज्ञ व दीपयज्ञ में सम्मिलित व लाभान्वित होते गये। क्योंकि इनमें कम समय, कम श्रम, कम संसाधन में तथा संस्कृत के सरल हिन्दी सूत्र व मंत्र के अर्थ भावार्थ बड़ी सुगम सरल और बोधगम्य हैं। 

21वी सदी उज्जवल भविष्य केनवसृजन पर पूज्यवर श्रीगुरुदेव के योजनाबद्ध विषय व सूत्रों का संक्षिप्त प्रकरण पर प्रकाश डालकर दीपयज्ञ के प्रत्येक सूत्र पर तथा गायत्री उपासना युग निर्माण योजना अंतर्गत  गायत्री मंत्र की महिमा, गरिमा, शुचिता, पवित्रता, विशेषता, गायन-वादन, चालीसा पाठ, आरती गायन पर समझाया और उपासना साधना आराधना समयदान और अंशदान पर प्रकाश डाला।  

यज्ञीय अनुष्ठान विधान उपरांत, शांतिकुञ्ज के भारतीय व वैश्विक स्तर पर हो रहे त्रिसंयोग संगम शताब्दी वर्ष समारोह कार्यक्रम के उद्देश्य पर चर्चा कर शांति-पाठ व मंगल कलश जल का अभिसिंचन व आशीर्वचन पाठ कर समापन किया। उक्त जानकारी गायत्री परिवार के मीडिया  प्रचारक जय नारायण प्रसाद ने दी।

विज्ञापन