दामोदर नदी तट पर श्रीमद्भागवत महापुराण कथा का शुभारंभ, भक्ति रस में डूबे श्रद्धालु
एबीएन न्यूज नेटवर्क, सिंदरी। दामोदर नदी के तट पर आयोजित श्रीमद्भागवत महापुराण ज्ञान यज्ञ का शुभारंभ वैदिक मंत्रोच्चार एवं विधि-विधान के साथ हुआ। काशी से पधारे वैदिक आचार्य पं. मुकेश पुरोहित, डॉ. महेश कुमार तिवारी, दीपक दूबे, धनंजय पांडेय, अनिल पांडेय एवं चंदन पांडेय ने प्रधान यजमान गीता देवी तथा उनके पुत्र शशिकांत सिंह, श्रीकांत सिंह और कृष्णकांत सिंह की उपस्थिति में गणेश पूजन, पंचांग पूजन, मंडप पूजन एवं समस्त देवी-देवताओं का आवाहन कर पूजा-अर्चना की। इसके बाद श्रीमद्भागवत महापुराण का पूजन कर मूल पाठ का शुभारंभ किया गया।
इस अवसर पर अयोध्या से पधारीं अंतरराष्ट्रीय कथा प्रवक्ता पूज्या पं. गौरांगी गौरी ने अपने प्रवचन में श्रीमद्भागवत महापुराण के महात्म्य का वर्णन किया। उनकी अमृतमयी वाणी सुनकर उपस्थित श्रद्धालु भावविभोर हो उठे। क्षेत्र के ग्रामीणों ने उत्साह और श्रद्धाभाव के साथ कथा का श्रवण कर भागवत रस का आनंद लिया। पूरे आयोजन स्थल पर भक्तिमय वातावरण बना रहा।
कथावचक गौरंगी गौरी ने बताया कि श्रीमद्भागवत में भगवान श्रीकृष्ण की विभिन्न लीलाओं, भक्ति, ज्ञान और वैराग्य के माध्यम से मानव जीवन को सही दिशा और मोक्ष का मार्ग दिखाती है। अगर मनुष्य अपने मन को शांत कर अपने विचारों पर काबू कर कर्म एवं धर्म पर ध्यान केंद्रित रखे तो जीवन स्वर्ग से सुन्दर हो जायेगा।