- कतरास में 26 अक्टूबर तक दुर्गा पूजा मेले के संचालन पर अब उठने लगे हैं सवाल
- पुलिस की नो एंट्री से लोगों को हो रही परेशानी, क्या प्रशासनिक आदेश की 22 तक ?
एबीएन न्यूज नेटवर्क, धनबाद। जिला जनसंपर्क कार्यालय, धनबाद की प्रेस विज्ञप्ति संख्या 1298 में जारी आदेश के अनुसार दुर्गा पूजा 2026 के मद्देनजर 17 अक्टूबर से 22 अक्टूबर तक कंट्रोल रूम प्रभावी रहने तथा सभी थानों में दंडाधिकारी और पुलिस पदाधिकारियों की तैनाती का उल्लेख किया गया है।
वहीं कतरास क्षेत्र में विभिन्न पूजा समितियों द्वारा 26 अक्टूबर तक मेले का संचालन किए जाने की बात सामने आ रही है। ऐसे में मेले की अवधि और प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे हैं। बताया जा रहा है कि कतरास क्षेत्र में मेले के दौरान रोजाना लड़ाई-झगड़े की घटनाएं सामने आ रही हैं। इन घटनाओं के बाद पुलिस द्वारा लोगों को पकड़कर थाने ले जाने की भी चर्चा है। इससे मेले में सुरक्षा व्यवस्था और कानून-व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ रही है।
गौरतलब है कि धनबाद, भूली सहित जिले के कई क्षेत्रों में एकादशी के दिन ही दुर्गा पूजा मेले का समापन कर दिया गया। इसके विपरीत कतरास में 26 अक्टूबर तक मेला संचालित किए जाने की बात सामने आने के बाद यह सवाल उठ रहा है कि आखिर यहां मेले की अवधि बढ़ाने का आधार क्या है और इस दौरान सुरक्षा व्यवस्था की जिम्मेदारी किस प्रकार सुनिश्चित की जा रही है?
अब जिला प्रशासन और पुलिस विभाग से यह स्पष्ट करने की अपेक्षा की जा रही है कि क्या कतरास में 22 अक्टूबर के बाद मेले के संचालन के लिए कोई अलग अनुमति या आदेश जारी किया गया है। यदि अनुमति दी गई है, तो उसके तहत सुरक्षा, दंडाधिकारी की तैनाती और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए क्या व्यवस्था की गई है? जनहित में यह जरूरी है कि प्रशासन इस मामले में स्थिति स्पष्ट करे, ताकि मेले में आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके और किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके।
नो एंट्री बन रहा परेशानी का सबब
उल्लेखनीय है कि कतरास पुलिस द्वारा नदी किनारे, स्वास्तिक सिनेमा और गुहीबांध बस पड़ाव के पास नो एंट्री लगाकर स्थानीय लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। स्थानीय लोगों का कहीं भी आना जाना दुश्वार हो गया है। आज भी नो एंट्री लगाकर गाड़ियों का शहर में प्रवेश अवरुद्ध कर दिया गया जिससे आम लोगों को काफी परेशानी उठानी पड़ रही है।
गाड़ियों से शहर से बाहर निकलने में परेशानी नहीं है परन्तु वापस शहर में प्रवेश वर्जित कर दी जाती है जिससे आमजन काफी परेशानी झेल रहे हैं। तीनों बैरिकेडिंग से लोगों को अपने घर तक पैदल आने में काफी परेशानियां झेलनी पड़ रही है। वे नो एंट्री के डर से डॉक्टर या चेकअप के लिए भी घर से नहीं निकल पा रहे हैं।