- दीपावली तक समाधान का मिला भरोसा
- सत्यम इंफ्रा के खिलाफ युवा कांग्रेस का आंदोलन, चार-पांच घंटे बाद वार्ता से निकला रास्ता
- स्थानीय बेरोजगारों को रोजगार समेत पांच मांगों पर अड़े विशाल महतो, दीपावली तक कंपनी को मोहलत
- मजदूरों के हक में युवा कांग्रेस का प्रदर्शन, प्रबंधन के आश्वासन पर स्थगित हुई बंदी
एबीएन न्यूज नेटवर्क, ईस्ट बसुरिया (धनबाद)। स्थानीय बेरोजगारों को रोजगार देने समेत मजदूर हितों से जुड़ी पांच सूत्री मांगों को लेकर शनिवार को ईस्ट बसुरिया स्थित सत्यम इंफ्रा आउटसोर्सिंग कंपनी के खिलाफ युवा कांग्रेस धनबाद ने अनिश्चितकालीन चक्का जाम आंदोलन शुरू किया। हालांकि, कंपनी प्रबंधन के साथ हुई वार्ता और दीपावली तक समस्याओं के समाधान का प्रयास करने के आश्वासन के बाद महज चार-पांच घंटे में ही आंदोलन स्थगित कर दिया गया।
कई बार आवेदन देने के बाद भी नहीं हुई सुनवाई
युवा कांग्रेस नेता विशाल महतो के अनुसार, मजदूरों के हितों से संबंधित पांच सूत्री मांगों को लेकर सत्यम इंफ्रा आउटसोर्सिंग कंपनी को दो-तीन बार लिखित आवेदन दिया गया था। इन मांगों में स्थानीय बेरोजगार युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने का मुद्दा भी प्रमुख था।
आरोप है कि कंपनी प्रबंधन की ओर से आवेदनों पर अपेक्षित पहल नहीं की गई। इससे नाराज होकर विशाल महतो ने अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन का आवेदन दिया और समर्थकों के साथ आंदोलन शुरू कर कंपनी का कामकाज ठप करा दिया।
वार्ता के बाद बनी सहमति, दीपावली तक का मिला समय
चक्का जाम शुरू होने के करीब चार-पांच घंटे बाद कंपनी प्रबंधन की ओर से वार्ता की पहल की गयी। इस दौरान सत्यम इंफ्रा के एचआर प्रतिनिधि, साइट इंचार्ज, बीसीसीएल के मैनेजर, युवा कांग्रेस नेता विशाल महतो तथा रोजगार की मांग कर रहे मजदूर मौजूद रहे।
वार्ता के दौरान कंपनी प्रबंधन की ओर से विशाल महतो से आग्रह किया गया कि दीपावली तक का समय दिया जाये, ताकि कंपनी के मालिक से बातचीत कर उठायी गयी समस्याओं का समाधान निकालने का प्रयास किया जा सके।
प्रबंधन के इस आग्रह पर विशाल महतो ने सहमति जताते हुए फिलहाल चक्का जाम स्थगित करने का निर्णय लिया। इसके साथ ही आंदोलन समाप्त करने के बजाय समाधान के लिए कंपनी को दीपावली तक का समय दिया गया।
अब प्रबंधन के अगले कदम पर टिकी निगाहें
आंदोलन स्थगित होने के बाद अब सभी की निगाहें कंपनी प्रबंधन की अगली पहल पर टिकी हैं। स्थानीय बेरोजगारों को रोजगार देने और मजदूरों से जुड़ी अन्य मांगों पर क्या निर्णय लिया जाता है, यह दीपावली तक स्पष्ट होने की उम्मीद है।
युवा कांग्रेस की ओर से उठाये गये मुद्दों का समाधान नहीं होने की स्थिति में आगे की रणनीति तय करने का विकल्प खुला रखा गया है। ऐसे में अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि कंपनी प्रबंधन अपने आश्वासन पर कितना खरा उतरता है और मजदूरों की मांगों पर क्या ठोस कदम उठाता है।