33 साल के बलदेव कुमार की घर में संदिग्ध मौत, क्वार्टर नंबर 554 में मिला शव
हनुमान मंदिर के पास पसरा सन्नाटा, पुलिस को पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार
एबीएन न्यूज नेटवर्क, भूली (धनबाद)। धनबाद के भूली टाउनशिप से इस वक्त की बड़ी और दुखद खबर सामने आ रही है। ई-ब्लॉक सेक्टर-3, हनुमान मंदिर के पास स्थित क्वार्टर नंबर 554 में रहने वाले 33 वर्षीय युवक बलदेव कुमार की अपने ही घर में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। शनिवार सुबह जब घर से कोई हलचल नहीं निकली तो पड़ोसियों को अनहोनी की आशंका हुई और दरवाजा खोलने पर अंदर का दृश्य देख सभी के होश उड़ गये।
कौन थे बलदेव कुमार
मृतक की पहचान बलदेव कुमार, पिता स्वर्गीय कालीचरण भुइया, उम्र 33 वर्ष के रूप में हुई है। बलदेव अपने परिवार के साथ भूली के ई-ब्लॉक सेक्टर-3, क्वार्टर नंबर 554, हनुमान मंदिर के समीप रहते थे। स्थानीय लोगों के अनुसार, बलदेव के पिता स्वर्गीय कालीचरण भुइया भी इसी क्षेत्र के जाने-माने व्यक्ति थे। पिता की मृत्यु के बाद बलदेव ही परिवार की जिम्मेदारी संभाल रहे थे।
शनिवार सुबह कैसे चला पता
बताया जा रहा है कि शनिवार सुबह काफी देर तक बलदेव के घर का दरवाजा नहीं खुला। रोजाना सुबह टहलने और लोगों से मिलने-जुलने वाले बलदेव जब नहीं दिखे, तो पड़ोस के लोगों ने उनके घर जाकर आवाज लगायी। अंदर से कोई जवाब नहीं आने पर लोगों ने खिड़की से झांक कर देखा तो बलदेव जमीन पर अचेत अवस्था में पड़े हुए थे। शोर सुनकर आसपास के लोग जमा हो गये। परिजनों को सूचना दी गई और तुरंत भूली ओपी पुलिस को मामले की जानकारी दी गयी।
मौके पर पहुंची पुलिस, पंचनामा कर भेजा शव
सूचना मिलते ही भूली ओपी की पुलिस टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने घर के अंदर प्रवेश कर स्थिति का जायजा लिया। किसी भी तरह की छेड़छाड़ के निशान नहीं मिलने पर पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचनामा की कार्रवाई पूरी की।
पुलिस ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए शहीद निर्मल महतो मेडिकल कॉलेज अस्पताल (एसएनएमएमसीएच), धनबाद भेज दिया गया है। पुलिस ने घर से कुछ दवाइयां और अन्य सामान भी जब्त किया है, जिसकी जांच की जा रही है।
बेहद मिलनसार था बलदेव : पार्षद प्रतिनिधि
बलदेव की मौत की खबर सुनकर पूरे ई-ब्लॉक में शोक की लहर दौड़ गयी। स्थानीय समाजसेवी एवं पार्षद प्रतिनिधि ने कहा कि बलदेव बहुत ही नेक दिल और मिलनसार लड़का था। वह हमेशा सामाजिक कार्यों में आगे रहता था। मंदिर की साफ-सफाई हो या मोहल्ले का कोई भी काम, वह बढ़-चढ़कर हिस्सा लेता था।
उसकी असमय मौत से हम सभी स्तब्ध हैं। यह पूरे भूली के लिए बड़ी क्षति है। हनुमान मंदिर के पास रहने वाले लोगों ने बताया कि बलदेव हर शाम मंदिर में दिया जलाने आता था। शनिवार को उसके नहीं आने पर ही लोगों को शक हुआ।
पुलिस क्या कह रही है? मौत का कारण अभी रहस्य
फिलहाल इस मामले में पुलिस ने किसी भी तरह की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है कि मौत कैसे हुई। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और सभी बिंदुओं पर जांच शुरू कर दी है। परिजनों और पड़ोसियों से भी पूछताछ की जा रही है।
भूली ओपी प्रभारी ने बताया
- प्रथम दृष्टया शरीर पर किसी भी तरह के चोट या जख्म के निशान नहीं मिले हैं।
- घर का सामान बिखरा नहीं है, जिससे लूटपाट या हत्या की आशंका कम लग रही है।
- बीमारी, हार्ट अटैक या अन्य प्राकृतिक कारणों से मौत हो सकती है।
- असली कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगा।