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आरयू : आर्यभट्ट सभागार में कार्यशाला का आयोजन

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आरयू : आर्यभट्ट सभागार में कार्यशाला का आयोजन
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  • आरयू : आर्यभट्ट सभागार में कार्यशाला का आयोजन 

टीम एबीएन, रांची। रांची विश्वविद्यालय के आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ  एवं यूनिवर्सिटी स्कूल आॅफ एजुकेशन के संयुक्त तत्वावधान में शुक्रवार को मोराबादी परिसर स्थित आर्यभप्त सभागार में कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में विभिन्न महाविद्यालयों के लगभग 450 प्रशिक्षु शिक्षकों एवं 50 प्राध्यापकों ने भाग लिया।

कार्यशाला का शुभारंभ राष्ट्रगीत, राष्ट्रगान एवं विश्वविद्यालय कुलगीत से हुआ। कुलपति प्रो सरोज शर्मा, विशिष्ट अतिथि रसायन विज्ञान के प्रोफेसर प्रो गुलशन धमीजा, डीएसडब्ल्यू प्रो सुदेश कुमार साहु, डॉ अनिल कुमार डेल्टा तथा विशेषज्ञ वक्ताओं डॉ पूजा एवं डॉ नीतू शर्मा ने दीप प्रज्वलित हुआ। डॉ सुनीता गुप्ता ने स्वागत भाषण प्रस्तुत किया। 

सीवीएस की निदेशक डॉ स्मृति सिंह ने कार्यशाला के विषय की प्रासंगिकता पर प्रकाश डाला। इस अवसर पर कुलपति प्रो सरोज शर्मा ने कहा कि तकनीक सीखने की प्रक्रिया को सरल बनाती है। लेकिन विद्यार्थियों की भावनाओं को समझना, उनमें आत्मविश्वास जगाना और उन्हें संवेदनशील नागरिक बनाना शिक्षक की विशिष्ट भूमिका है। 

उन्होंने शिक्षकों से डिजिटल तकनीक का उपयोग मानवीय मूल्यों के साथ करने तथा शिक्षार्थी-केंद्रित शिक्षा को अपनी शिक्षण प्रक्रिया का आधार बनाने का आहवान किया। विशेषज्ञ वक्ता डॉण् पूजा ने डिजिटल युग में आत्म-जागरूकता के महत्व पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि एक सफल शिक्षक में विद्यार्थियों के प्रति संवेदनशीलता, सहानुभूति तथा उनकी भावनाओं और आवश्यकताओं को समझने की क्षमता होनी चाहिये। 

शिक्षक केवल विषय का ज्ञाता ही नहीं, बल्कि विद्यार्थियों का मार्गदर्शकए प्रेरक और सहयोगी भी होता है। डॉ नीतू शर्मा ने मोबाइल फोन एवं लैपटॉप के अत्यधिक उपयोग से होने वाले संभावित मानसिक दुष्प्रभावों पर प्रकाश डाला। उन्होंने उपयोग के व्यावहारिक सुझाव दिये। 

वीडियो एवं स्लाइड शो के माध्यम से उन्होंने विषय को सरलता से समझाया तथा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के प्रभावी उपयोग के लिये उपयुक्त भाषा और स्पष्ट निदेर्शों के महत्व की जानकारी दी। कार्यक्रम में विभिन्न महाविद्यालयों के प्रभारी प्राचार्य, विभागाध्यक्षए प्राध्यापक एवं प्रशिक्षु शिक्षक उपस्थित थे। धन्यवाद ज्ञापन डॉ सचिन कुमार तथा मंच संचालन डॉ दीपाली ने किया।

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