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मन के अंदर बैठे रावण रूपी अहंकार को त्यागें : सुखदेव भगत

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मन के अंदर बैठे रावण रूपी अहंकार को त्यागें : सुखदेव भगत
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  • लोहरदगा में भव्य रावण दहन, सांसद सुखदेव भगत बोले - दशहरा असत्य पर सत्य की जीत का प्रतीक 
  • केंद्रीय दुर्गा पूजा समिति द्वारा भव्य रावण दहन का आयोजन, हजारों लोग हुए शामिल 

एबीएन न्यूज नेटवर्क, लोहरदगा। विजयादशमी के पावन अवसर पर लोहरदगा में केंद्रीय दुर्गा पूजा समिति के तत्वावधान में भव्य रावण दहन कार्यक्रमका आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में लोहरदगा सांसद सह छत्तीसगढ़ प्रभारी माननीय सुखदेव भगत शामिल हुए। 

उनके साथ विशिष्ट अतिथि के रूप में लोहरदगा उपायुक्त, पुलिस अधीक्षक, पूर्व नगर परिषद अध्यक्ष अनुपमा भगत, वर्तमान अध्यक्ष अनिल उरांव एवं केंद्रीय दुर्गा पूजा समिति के अध्यक्ष रमेश कुमार साहू, महासचिव एवं पदाधिकारीगण, संरक्षकगण, प्रशासनिक पदाधिकारी एवं गणमान्य लोग मौजूद थे। इस अवसर पर हजारों की संख्या में लोग उपस्थित थे। 

कार्यक्रम की शुरुआत में आयोजन समिति द्वारा माननीय सांसद सुखदेव भगत, उपायुक्त, पुलिस अधीक्षक एवं अन्य अतिथियों को मोमेंटो और अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम स्थल पर रावण, मेघनाद और कुंभकरण के विशाल पुतले लगाये गये थे। वहीं भगवान राम, लक्ष्मण और बजरंगबली के प्रतीकात्मक स्वरूप  मंच पर मौजूद थे। 

कार्यक्रम का शुभारंभ सांसद सुखदेव भगत, उपायुक्त एवं पुलिस अधीक्षक एवं अन्य अतिथियों द्वारा भगवान राम, लक्ष्मण और हनुमान जी की आरती कर किया गया। इसके बाद भगवान राम, लक्ष्मण और हनुमान जी के प्रतीकात्मक स्वरूपों ने  पुतला दहन का कार्यक्रम संपन्न कराया, जिसे देख पूरा पंडाल जय श्रीराम के नारों से गूंज उठा। 

रावण दहन कार्यक्रम  को संबोधित करते हुए सांसद सुखदेव भगत ने कहा कि दशहरा पर्व असत्य पर सत्य और बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है। भगवान श्री राम हमारे आदर्श हैं। उनके जीवन, उनके विचार और उनके आदर्शों को हमें आत्मसात करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा किहमें बाहर के रावण को जलाने के साथ-साथ अपने मन के अंदर बैठे रावण रूपी अहंकार, द्वेष, लोभ और क्रोध को भी त्यागना होगा। 

तभी सही मायने में दशहरा का महत्व सार्थक होगा। भगवान राम ने हमें मर्यादा, त्याग और सबको साथ लेकर चलने का संदेश दिया है, जिसे हमें अपने जीवन में उतारना चाहिए। पंडाल सजा एवं विद्युत सजा में चयनित पंडालों को सांसद, उपायुक्त, पुलिस अधीक्षक एवं अन्य अतिथियों द्वारा उन्हें पुरस्कृत किया गया। इस भव्य आयोजन को सफल बनाने में केंद्रीय दुर्गा पूजा समिति के सभी सदस्यों का सराहनीय योगदान रहा।

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