- खूंटी : देवी दुर्गा विसर्जन और विजयादशमी पर रावण दहन
- मुरहू -खूंटी में आस्था का संगम
डॉ दीपक कुमार घोष
एबीएन न्यूज नेटवर्क, खूंटी। विजयादशमी के पावन पर्व पर पूरे खूंटी जिले के साथ-साथ मुरहू प्रखंड में भी माँ दुर्गा के विसर्जन के साथ शारदीय नवरात्र का समापन भावुक माहौल में हो गया।
विजयादशमी का पर्व भी हर्षोल्लास से मनाया गया।
मुरहू के महादेव मंडा, तोरपा, कुंजला, रनिया, कोड़ाकेल,गनालोया आदि जगहों में नवरात्र के तीसरे दिन से ही सभी समाजों के लोग एकजुट होकर माँ चंद्रघंटा सहित दुर्गा पूजा में शामिल हो रहे हैं, जो सामाजिक एकता का संदेश दे रहा है। खूंटी के प्रसिद्ध हरि मंदिर में वर्षों से चली आ रही दुर्गा पूजा परंपरा भक्तिमय और मनोरम होता है। यहाँ विजयादशमी पर सिंदूर खेला और धुनुची नृत्य विशेष आकर्षण रहता है और दशमी को प्रतिमा विसर्जन के साथ उत्सव का समापन होता है।
मुरहू में श्रद्धालु माँ की प्रतिमा को बस्ती -गांव भ्रमण कराते हुए नदी और सरोवर तट तक ले जाते हैं। कम पानी वाले सरोवर किनारे, जहाँ दूसरी तरफ घास-फूस और कांस के पौधे हैं, वहीं पर सामूहिक रूप से पीठ दिखाकर विनम्र भाव से माँ को विदा किया जा रहा है।
तैरते दीये, फूल और अगले बरस तू जल्दी आ के जयकारों के साथ वातावरण भावुक बना हुआ है। खूंटी कोड़ाकेल, तोरपा आदि जगहों पर रावण दहन का भी कार्यक्रम हुआ। स्थानीय लोगों का मानना है कि माँ दुर्गा अपने भक्तों को सुख-समृद्धि का आशीर्वाद देकर अपने धाम लौटती हैं, इसलिए विसर्जन सिर्फ परंपरा नहीं, आस्था का पर्व है।