- सिल्ली के मारदू में नाबालिग बच्ची के साथ दुष्कर्म एवं हत्या की घटना निंदनीय, दोषियों को फाँसी की सजा मिले : देवेन्द्र नाथ महतो
एबीएन न्यूज नेटवर्क, सिल्ली। प्रखंड के मारदू गाँव में नाबालिग बच्ची के साथ कथित दुष्कर्म एवं हत्या की हृदयविदारक घटना से पूरे क्षेत्र में आक्रोश और भय का माहौल है। दुर्गा पूजा की अष्टमी जैसे पावन अवसर पर हुई इस घटना ने मानवता को झकझोर कर रख दिया है।
घटना की सूचना मिलते ही JLKM के केंद्रीय वरीय उपाध्यक्ष एवं आंदोलनकारी नेता देवेन्द्र नाथ महतो दिनाँक 18/10/2026 को रात लगभग 10 बजे मारदू गाँव पहुँचे और घटनास्थल का जायजा लिया। इसके बाद फॉरेंसिक एवं तकनीकी जाँच दल घटनास्थल पर पहुँचे। खोजी कुत्ते की मदद से भी जाँच की गई तथा आवश्यक साक्ष्य एवं नमूने एकत्र किए गए। प्रशासन ने रात लगभग 12:30 से 1 बजे के बीच शव को घटनास्थल से उठाकर पोस्टमार्टम के लिए रिम्स, राँची भेजा।
देवेन्द्र नाथ महतो ने कहा कि मृत बच्ची लगभग 17 वर्ष 9 महीने की थी और कक्षा 11वीं की छात्रा थी। ग्रामीणों के अनुसार, वह सरल स्वभाव की थी और पढ़ाई-लिखाई पर विशेष ध्यान देती थी। ऐसी मासूम बच्ची के साथ हुई यह घटना अत्यंत दुखद, निंदनीय और चिंताजनक है।
उन्होंने कहा कि इस घटना से पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल है। ग्रामीण महिलाएँ खेतों में जाने, बाड़ी में काम करने और घर से बाहर निकलने में भी डर महसूस कर रही हैं। दिनदहाड़े इस प्रकार की घटना होना कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़ा करता है।
देवेन्द्र नाथ महतो की प्रमुख माँगें
देवेन्द्र नाथ महतो ने बताया कि उन्होंने घटनास्थल पर पहुँचते ही प्रशासन से स्पष्ट रूप से कहा था कि शव को घटनास्थल से उठाने से पहले सभी आवश्यक वैज्ञानिक एवं फॉरेंसिक साक्ष्य सावधानीपूर्वक एकत्र किए जाएँ, घटनास्थल की वीडियोग्राफी कराई जाए तथा पूरे क्षेत्र को सुरक्षित घेराबंदी कर चिह्नित किया जाए, ताकि कोई भी महत्वपूर्ण साक्ष्य नष्ट न हो। इसके बाद उन्होंने वरीय पुलिस पदाधिकारियों से टेलीफोन पर वार्ता कर निम्नलिखित माँगें रखीं :
- दोषियों को फाँसी की सजा दी जाए। जाँच में दोष सिद्ध होने पर दोषियों को कानून के तहत कठोरतम सजा दिलाई जाए।
- फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई हो, ताकि पीड़ित परिवार को जल्द न्याय मिल सके।
- मामले की गहन, निष्पक्ष एवं वैज्ञानिक जाँच की जाए तथा प्रत्येक चरण की जाँच सुनिश्चित हो।
- SIT (विशेष जाँच दल) का गठन किया जाए, जिसकी निगरानी में जाँच के सभी महत्वपूर्ण पहलुओं की समीक्षा हो।
- पोस्टमार्टम की वीडियोग्राफी कराई जाए तथा आवश्यक फॉरेंसिक परीक्षण सुनिश्चित किए जाएँ।
- तकनीकी साक्ष्यों, उपलब्ध सीसीटीवी फुटेज एवं अन्य वैज्ञानिक प्रमाणों के आधार पर आरोपियों की तत्काल पहचान कर शीघ्र गिरफ्तारी की जाए।
- पीड़ित परिवार को सुरक्षा, उचित मुआवजा और निःशुल्क कानूनी सहायता उपलब्ध कराई जाये।
देवेन्द्र नाथ महतो ने कहा कि “एक मासूम बेटी के साथ हुई ऐसी जघन्य घटना को बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। हमारी माँग है कि जाँच में कोई लापरवाही न हो, दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी हो और उन्हें फाँसी की सजा दिलाने के लिए कानून के तहत प्रभावी कार्रवाई की जाए।
यदि प्रशासन ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया और न्याय की दिशा में ठोस कार्रवाई नहीं हुई, तो हम जनआंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे। उन्होंने कहा कि बेटियों की सुरक्षा केवल परिवार की नहीं, बल्कि पूरे समाज और शासन-प्रशासन की जिम्मेदारी है।
पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने और क्षेत्र में सुरक्षा का वातावरण बहाल करने के लिए हर स्तर पर आवाज उठाई जाएगी। मासूम बेटी को न्याय मिले, दोषियों को कठोरतम सजा मिले और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जाएँ—यही हमारी मांग है।