- हमर अधिकार मंच (हम) ने झारखंड राज्य सूचना आयोग को क्रियाशील करवाने के लिए राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, सर्वोच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश और झारखंड उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश को पत्र लिखा
- पत्र में 20 जिला से आये आरटीआई एक्टिविस्टों ने संयुक्त हस्ताक्षर कर मांग की है कि झारखंड में मुख्य सूचना आयुक्त की नियुक्ति करवायी जाये
टीम एबीएन, रांची। हमर अधिकार मंच के अध्यक्ष दीपेश निराला ने बताया कि पूर्व में झारखंड के राज्यपाल, मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष को भी इस संबंध में ज्ञापन दिया गया था। जिस पर राज्यपाल ने झारखंड सरकार के मुख्य सचिव को अग्रेतर कार्रवाई हेतु पत्र भी प्रेषित किया था, लेकिन अभी तक न तो झारखंड राज्य मुख्य सूचना आयुक्त की नियुक्ति हुई है और ना ही झारखंड राज्य सूचना आयोग में सुनवाई प्रारंभ हुई है।
दिनांक 08.05.2020 के बाद से अब तक लगातार 6 वर्ष 5 महीनों से अधिक समय से झारखंड राज्य सूचना आयोग में सुनवाई नहीं होने पर हमर अधिकार मंच के पदाधिकारियों और सदस्यों ने अब देश के राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, सर्वोच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश तथा झारखंड उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश को झारखंड राज्य सूचना आयोग को क्रियाशील करने के लिए अपने 20 जिला के सदस्यों का संयुक्त हस्ताक्षर युक्त पत्र प्रेषित करते हुए मांग की है कि जल्द झारखंड राज्य मुख्य सूचना आयुक्त की नियुक्ति हो।
या फिर पूर्व से नियुक्त 04 सूचना आयुक्तों के माध्यम से झारखंड राज्य सूचना आयोग को क्रियाशील करवाते हुए लंबित पड़े करीब 25000 से अधिक द्वितीय अपीलवाद और शिकायत वाद की सुनवाई प्रारंभ करवाई जाये। उक्त पत्र में उल्लेख किया गया है कि इन नियुक्त और शपथ ग्रहण किए हुए 04 सूचना आयुक्त को प्रतिमाह 5,00,000 से अधिक प्रति सूचना आयुक्त को भुगतान हो रहा है, लेकिन यह कोई काम नहीं कर रहे हैं।
हमर अधिकार मंच के अध्यक्ष दीपेश निराला में बताया कि झारखंड में लगातार 6 वर्षों से अधिक समय से सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 का समुचित क्रियान्वयन नहीं होने पर मंच ने झारखंड के राज्यपाल, मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष को भी इस मामले में पहले ज्ञापन दिया है, जिस पर राज्यपाल सचिवालय ने झारखंड सरकार के मुख्य सचिव को इस पर कार्रवाई हेतु पत्र लिखा है।
लेकिन अभी तक कोई भी कार्रवाई नहीं होने पर लाचार होकर हमर अधिकार मंच द्वारा देश के राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, सर्वोच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश तथा झारखंड उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश को यह पत्र लिखा गया है ताकि झारखंड राज्य सूचना आयोग क्रियाशील हो सके। इस पत्र पर झारखंड के 20 जिलों के आरटीआई एक्टिविस्टों ने संयुक्त हस्ताक्षर किया कर उक्त मांगों का समर्थन किया है।