आरटीआई कानून के 21 वर्ष पूरे होने पर हमर अधिकार मंच और रांची सिटीजन फोरम ने नि:शुल्क आरटीआई कार्यशाला का आयोजन किया
झारखंड के 20 जिलों से कुल 150 प्रतिभागियों ने इस कार्यालय में भाग लिया
उपस्थित प्रतिभागियों को संस्था के अध्यक्ष और सर्टिफाइड आरटीआई रिसोर्स पर्सन दीपेश निराला ने सूचना का अधिकार आवेदन कैसे बनाया जाता है और उस पर प्रथम अपील और द्वितीय अपील कैसे होती है यह सिखाया
टीम एबीएन, रांची। 08.05.2020 से झारखंड राज्य सूचना आयोग के निष्क्रिय होने पर उपस्थित लोगों ने चिंता जतायी और 01.07.2026 से चार नये सूचना आयुक्तों की नियुक्ति के बाद उनको शपथ दिलाने के बावजूद अब तक सूचना आयोग में लंबित हजारों द्वितीय अपील और शिकायतवाद पर सुनवाई शुरू नहीं होने पर सरकार से ठोस कार्रवाई की मांग की गयी।
हमर अधिकार मंच और रांची सिटीजन फोरम के संयुक्त तत्वाधान में सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 कानून के 21 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर कोकर, रांची में नि:शुल्क आरटीआई कार्यशाला का आयोजन कर आरटीआई दिवस मनाया गया, जिसमें झारखंड के कुल 20 जिलों से 150 प्रतिभागियों ने सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 और इसके अंतर्गत बने नियमों का उपयोग करने का तरीका सिखा।
उक्त कार्यशाला संस्था के अध्यक्ष और सर्टिफाइड आरटीआई रिसोर्स पर्सन दीपेश निराला की अध्यक्षता में हुई, जिसमें उन्होंने सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 के तहत सूचना आवेदन बनाना और निर्धारित अवधि में सूचना न मिलने पर प्रथम अपील लगाना तथा प्रथम अपील के बावजूद भी निर्धारित अवधि में सूचना नहीं उपलब्ध करवाए जाने पर अंतिम रूप से सूचना आयोग में द्वितीय अपील करने के प्रावधानों की जानकारी दी।
साथ ही साथ दिनांक 08.05.2020 से लगातार 6 वर्षों से अधिक समय से झारखंड राज्य सूचना आयोग में लंबित हजारों द्वितीय अपीलवाद और शिकायतवाद की सुनवाई बंद होने पर गहरी चिंता व्यक्त की गयी और विगत 10 जून 2026 को नियुक्त हुए चार सूचना आयुक्त जिन्हें 1 जुलाई 2026 को शपथ दिलवाने के बावजूद अब तक झारखंड राज्य सूचना आयोग में सुनवाई प्रारंभ नहीं होने के मुद्दे पर उपस्थित लोगों ने निर्णय लिया कि इस मामले को अब हम लोग सर्वोच्च न्यायालय और उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश और भारत की राष्ट्रपति को लिखित रूप में प्रेषित करेंगे।
ताकि जल्द से जल्द झारखंड राज्य सूचना आयोग को एक्टिव किया जा सके और वहां पर सुनवाई प्रारंभ हो सके, जिसके तहत या तो तत्काल मुख्य सूचना आयुक्त की नियुक्ति हो अथवा पूर्व से नियुक्त चार सूचना आयुक्त में से किसी एक को पूर्व की भांति कार्यवाहक मुख्य सूचना आयुक्त बनाते हुए झारखंड राज्य सूचना आयोग में सुनवाई प्रारंभ करवाई जाय, ताकि झारखंड में विगत 6 वर्ष 5 महीने से अधिक समय से निष्क्रिय पड़े सूचना आयोग को क्रियाशील किया जा सके।
उक्त कार्यशाला में विभिन्न प्रतिभागियों ने भी अपने-अपने विचार रखें और इस कार्यशाला में मुख्य रूप से संस्था के अध्यक्ष दीपेश निराला, उपाध्यक्ष रेणुका तिवारी, प्रिय ब्रत प्रसाद, नवल किशोर लाल, मीना कुमारी, राजकुमार महासचिव उमाशंकर सिंह, कोषाध्यक्ष विनोद जैन बेगवानी, सचिव चंद्रदेव कुमार बरनवाल चंदू, अनूप श्रीवास्तव, ओम प्रकाश उपाध्याय, आशीष जायसवाल, दीनबंधु कुमार, जूही कुमारी चौधरी, सुजीत कुमार पांडेय, कुमार अभिषेक दुबे, अखिल कुमार सहित विभिन्न जिलों से आए प्रतिभागी उपस्थित हुए। मंच संचालन रेणुका तिवारी और मीना कुमारी ने किया।