धनबाद कोर्ट में आरपीएफ की दबंगई का आरोप! अधिवक्ता से मारपीट, गला दबाने और सोने की अंगूठी छीनने का दावा; सब-इंस्पेक्टर हिरासत में
एबीएन न्यूज नेटवर्क, धनबाद। कोर्ट परिसर में सोमवार को उस समय हंगामा मच गया, जब रेलवे के ओवरहेड तार चोरी के मामले में आत्मसमर्पण करने पहुंचे आरोपी को पकड़ने के दौरान कथित आरपीएफ कर्मियों और अधिवक्ताओं के बीच विवाद हो गया। आरोप है कि सादे लिबास में पहुंचे लोगों ने अधिवक्ता के चेंबर में घुसकर आरोपी को जबरन ले जाने की कोशिश की। विरोध हुआ तो मामला मारपीट तक पहुंच गया।
मामला महुदा रेल थाना कांड संख्या 4/26 से जुड़ा है। आरोपी कुणाल साव की ओर से रेलवे के न्यायिक दंडाधिकारी की अदालत में आत्मसमर्पण की याचिका दाखिल की गयी थी। अधिवक्ता संतोष कुमार सिंह के मुताबिक, सोमवार दोपहर करीब 12 बजे चार-पांच लोग उनके चेंबर में पहुंचे और खुद को आरपीएफ का सब-इंस्पेक्टर तथा जवान बताते हुए आरोपी को ले जाने का प्रयास किया।
अधिवक्ताओं के विरोध के बाद वे वहां से चले गये। लेकिन विवाद यहीं खत्म नहीं हुआ। आरोप है कि दोपहर करीब 1:30 बजे जब अधिवक्ता आरोपी को लेकर अदालत जा रहे थे, तभी सादे लिबास में पहुंचे लोगों ने दोबारा उसे घसीटकर ले जाने की कोशिश की। इस दौरान अधिवक्ता संतोष कुमार सिंह के साथ मारपीट की गयी। उन्होंने आरोप लगाया कि उनका गला दबाया गया, चश्मा तोड़ दिया गया और हाथ से सोने की अंगूठी छीन ली गये।
एक जूनियर महिला अधिवक्ता के साथ अभद्रता किये जाने का आरोप भी लगाया गया है। घटना की जानकारी मिलते ही अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष राधेश्याम गोस्वामी, महासचिव जितेंद्र कुमार समेत कई अधिवक्ता मौके पर पहुंचे।
इसके बाद कथित आरपीएफ के एक सब-इंस्पेक्टर को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया गया। घटना के बाद कोर्ट परिसर में तनाव का माहौल बन गया। अब पूरे मामले में पुलिस की कार्रवाई और आरोपों की जांच पर नजर है। समाचार लिखे जाने तक प्राथमिकी दर्ज करने की प्रक्रिया जारी थी।