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11 को सुबह सात बजे देवी मंदिर पावरगंज में शुरू होगा शारदीय नवरात्र

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11 को सुबह सात बजे देवी मंदिर पावरगंज में शुरू होगा शारदीय नवरात्र
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  • 11 को सुबह सात बजे देवी मंदिर पावरगंज में शुरू होगा शारदीय नवरात्र
  • 11 अक्टूबर, सुबह 7 बजे रविवार को देवी मंदिर पावरगंज से कलश यात्रा के साथ शारदीय नवरात्र का होगा शुभारंभ
  • सभी सनातन बढ़ चढ़कर इस कलश यात्रा में हों शामिल : विश्व हिंदू परिषद

एबीएन न्यूज नेटवर्क, लोहरदगा। लोहरदगा सनातन समाज का सौभाग्य है कि जिला के प्रसिद्ध समाजसेवी सह केंद्रीय दुर्गा पूजा समिति के यशस्वी अध्यक्ष रमेश कुमार साहू की अगुवाई में इस बार संपूर्ण लोहरदगा दुर्गोत्सव मनायेगी और उन्हें अग्रिम शुभकामनाएं है कि जिस प्रण के साथ लोहरदगा वासियों संग इन्होंने दुर्गोत्सव मनाने का निर्णय लिया है वह ऐतिहासिक रूप से सफलता के साथ संपन्न हो। वैसे तो प्रत्येक वर्ष दुर्गोत्सव बहुत ही भव्यता के साथ  सम्पन्न होते आ रही है परंतु इसबार लोहरदगा जिला के लिये यह दुर्गोत्सव कुछ खास होने की चर्चा हर सनातन के जुबां पर है। 

चूंकि इसबार की अध्यक्षता रमेश साहू को मिलने के बाद केंद्रीय दुर्गा पूजा समिति नवरात्र के दौरान विभिन्न कार्यक्रमों की आयोजन की भव्यता को लेकर घोषणा के साथ-साथ दिन रात पुरजोर तरीके से तैयारी में लगी हुई है और इसी क्रम में शारदीय नवरात्र के शुभारंभ में महाराष्ट्र का सुप्रसिद्ध ऐतिहासिक पुनेरी ढोल टीम आ रहा है, जो कलश यात्रा के दौरान ढोल ताशों के साथ आगे आगे चलेगी, इस कलश यात्रा का विशेष आकर्षण होगा। 

जबकि इसके दूसरे तीसरे दिन रामलीला का आयोजन, फिर महिलाओं के लिये डांडिया नाईट, ततपश्चात भक्ति जागरण और फिर दशमी के दिन दशहरा मेला स्थल में रावण, कुंभकर्ण, मेघनाथ का पुतलादहन के साथ-साथ लंकादहन भी विशेष आकर्षण का केंद्र होगा। जबकि इस दौरान आकर्षक बम पड़ाको के साथ आकाश गूंजायमान होगी, जिसकी भव्यता भी अलग ही कहानी बोलेगी। आगे बताते चले कि महाराष्ट्र का सुप्रसिद्ध ढोल पुणेरी ढोल और नाशिक ढोल के रूप में पूरी दुनिया में जाना जाता है। महाराष्ट्र की संस्कृति में ढोल का स्थान बेहद खास है, जहां इसे अकेले बजाने के बजाय ढोल-ताशा पथक के रूप में एक बड़े समूह के साथ पारंपरिक तरीके से बजाया जाता है।

अत: सर्वसमाज के सभी सनातनी माताएं, बहनें, भाई-बंधु, अभिवावक एवं बड़े छोटों से आग्रह है कि इस ऐतिहासिक कलश यात्रा में शामिल होकर इसकी भव्यता का साक्षी बने।
इसके बाद भी आयोजित होने वाली सभी कार्यक्रमों में शामिल होकर इसे भव्यता प्रदान करने में अपनी सहभागिता सुनिश्चित कर सनातन धर्म बढ़ाने में अपना  पवित्र योगदान दें। साथ ही सभी सनातनी माताएं, बहनें, भाई-बंधु, अभिवावक एवं बड़े छोटों को शारदीय नवरात्र की अग्रिम बधाई।

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