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कतरास : महेशपुर आउटसोर्सिंग पर त्रिपक्षीय वार्ता

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कतरास : महेशपुर आउटसोर्सिंग पर त्रिपक्षीय वार्ता
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  • कतरास : महेशपुर आउटसोर्सिंग पर त्रिपक्षीय वार्ता
  • 15 दिन में मांगें पूरी नहीं हुईं तो आंदोलन की चेतावनी

एबीएन न्यूज नेटवर्क, कतरास। महेशपुर आउटसोर्सिंग परियोजना से प्रभावित रैयतों, स्थानीय ग्रामीणों और मजदूरों की विभिन्न समस्याओं को लेकर गोविंदपुर महाप्रबंधक, श्री इंफ्रा आउटसोर्सिंग प्रबंधन एवं आजसू नेताओं के बीच त्रिपक्षीय वार्ता हुई। वार्ता में प्रभावित रैयतों को जमीन के बदले उचित मुआवजा एवं नियोजन समेत कई मांगें रखी गईं।

बैठक में स्थानीय बेरोजगारों को 75 प्रतिशत नियोजन, राजधानी कॉलोनी, बत्ती घर एवं अन्य प्रभावित परिवारों के पुनर्वास, नियमों के अनुरूप ब्लास्टिंग तथा प्रदूषण नियंत्रण की मांग उठाई गई। इसके अलावा प्रभावित क्षेत्रों में CSR के तहत सड़क, नाली, विवाह भवन, विद्यालय एवं पुस्तकालय निर्माण कराने की मांग भी रखी गई।

स्थानीय लोगों ने प्रभावित इलाकों में पर्याप्त बिजली एवं पेयजल आपूर्ति, मजदूरों को HPC के अनुसार भुगतान, आउटसोर्सिंग परियोजना के चारों ओर सुरक्षा मानकों के अनुरूप बाउंड्रीवाल निर्माण तथा कंपनी द्वारा निर्धारित अहर्ताएं पूरी करने के बाद ही कार्य संचालित करने की मांग की।

वार्ता के दौरान कुछ रैयतों ने आरोप लगाया कि उनकी जमीन पर उनकी अपेक्षाओं के अनुरूप प्रक्रिया का पालन नहीं किया जा रहा है और शिकायतों के समाधान की दिशा में अपेक्षित पहल नहीं हुई है। वहीं, CSR मद के उपयोग और संविदा कार्यों के आवंटन को लेकर भी स्थानीय लोगों ने अनियमितता की शिकायत करते हुए जांच की मांग की। इन आरोपों पर प्रबंधन का पक्ष सामने आने के बाद स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।

आजसू नेताओं ने कहा कि यदि 15 दिनों के भीतर मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं हुई, तो स्थानीय ग्रामीणों के साथ चरणबद्ध आंदोलन किया जाएगा। नेताओं ने आंदोलन के दौरान किसी भी अप्रिय स्थिति के लिए बीसीसीएल एवं श्री इंफ्रा प्रा. लि. प्रबंधन को जिम्मेदार ठहराने की बात कही।

अब निगाहें इस बात पर हैं कि त्रिपक्षीय वार्ता के बाद प्रबंधन प्रभावित लोगों की मांगों पर क्या कदम उठाता है और तय समयसीमा के भीतर समाधान की दिशा में कितनी प्रगति होती है।

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