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धनबाद : एसडीपीओ दफ्तर के बगल में 8 घंटे फंसा रहा अवैध बालू का हाइवा

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धनबाद : एसडीपीओ दफ्तर के बगल में 8 घंटे फंसा रहा अवैध बालू का हाइवा
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अंचल अधिकारी के निर्देश को सिंदरी पुलिस ने दिखाया ठेंगा; माफिया ने खाली कराकर गाड़ी निकाली बाहर 

एबीएन न्यूज नेटवर्क, सिंदरी धनबाद। सिंदरी में खाकी और खनन माफिया की साठगांठ का एक ऐसा नंगा नाच देखने को मिला है, जिसने धनबाद पुलिस प्रशासन के इकबाल को पूरी तरह तार-तार कर दिया है। सिंदरी थाना क्षेत्र स्थित एसडीपीओ कार्यालय के ठीक बगल में और सिंदरी थाना से महज 200 मीटर की दूरी पर अवैध बालू से लदा एक हाइवा अनियंत्रित होकर कच्ची मिट्टी में जा धंसा। यह हाइवा बंद पड़े केजी स्कूल में चल रहे मरम्मत कार्य के लिए अवैध बालू गिराने जा रहा था। 

सुबह छह बजे से लेकर दोपहर दो बजे तक पूरे आठ घंटे हाइवा वहीं धंसा रहा, लेकिन एसडीपीओ दफ्तर की नाक के नीचे घट रही इस घटना पर सिंदरी पुलिस की नींद नहीं टूटी। दस मिनट की पैदल दूरी तय करने की जहमत तक पुलिस ने नहीं उठायी और न ही मौके पर पहुंची। पुलिस की इसी गैरमौजूदगी का फायदा उठाकर माफिया ने आराम से बालू खाली करवाया और गाड़ी को सुरक्षित निकालकर ले गया। 

दुर्घटना के बाद जब पत्रकारों ने मौके पर जाकर कवरेज शुरू की, तो हाइवा चालक ने आॅन-कैमरा बेबाक कबूल किया कि उसके पास बालू का कोई वैध चालान नहीं है। चालक ने आॅन-रिकॉर्ड खुलासा किया कि गाड़ी और अवैध बालू बलियापुर के बिखराजपुर निवासी कुख्यात बालू माफिया दिल मोहम्मद का है। चालक ने सीना ठोककर यह गंभीर आरोप भी लगाया कि रास्ते के सभी थानों को महीने पर मैनेज किया जाता है, इसलिए कोई उनका कुछ नहीं बिगाड़ सकता। 

मामले की कवरेज के दौरान बालू तस्कर का फोन चालक के मोबाइल पर आया। आॅन-कैमरा चल रही रिपोर्टिंग के बीच तस्कर ने अपना आपा खो दिया और पत्रकार के लिए सरेआम अभद्र व गंदी भाषा का इस्तेमाल करते हुए पूछा कि कौन मीडिया वाला पहुंचा हुआ है। कानून के खौफ से बेफिक्र माफिया ने फोन पर ही रोब झाड़ते हुए कवरेज रोकने की धमकी दी, जो यह साबित करता है कि खाकी की सरपरस्ती में बालू माफिया के हौसले कितने बुलंद हो चुके हैं। 

मामले की सूचना जब झरिया अंचल अधिकारी मनोज कुमार को दी गयी, तो उन्होंने घटना को गंभीरता से लेते हुए तुरंत सिंदरी थाना प्रभारी को सूचित किया और हाइवा को तुरंत जब्त कर थाने लाने का कड़ा निर्देश दिया। लेकिन अंचल अधिकारी के इस प्रशासनिक आदेश को सिंदरी पुलिस ने रद्दी की टोकरी में फेंक दिया और पूरे आठ घंटे तक मौके पर झांकने तक नहीं आयी। 

हैरानी और शर्म की बात यह है कि अंचल अधिकारी के स्पष्ट निर्देश और आॅन-कैमरा सबूतों के बावजूद सिंदरी पुलिस का कोई भी जवान या अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा। सुबह छह बजे से दोपहर दो बजे तक बिना किसी पुलिसिया डर के हाइवा से बालू खाली कराया गया, साक्ष्य मिटाये गये और इसके बाद बिना किसी प्राथमिकी या जब्ती के हाइवा को मौके से सुरक्षित रवाना कर दिया गया। 

अब इस पूरी घटना से कई गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। क्या सिंदरी पुलिस के लिए अंचल अधिकारी के आदेश कोई मायने नहीं रखते? दो सौ मीटर की दूरी पर आठ घंटे तक अवैध बालू का हाइवा फंसा रहा, फिर भी पुलिस का न पहुंचना चालक के थाना मैनेज वाले दावे की पुष्टि नहीं करता? पत्रकार को फोन पर अभद्र भाषा बोलने और धमकी देने वाले माफिया दिल मोहम्मद पर अब तक प्राथमिकी दर्ज क्यों नहीं हुई? 

एसडीपीओ कार्यालय की चहारदीवारी के सटकर घटी यह घटना चीख-चीखकर गवाही दे रही है कि सिंदरी में कानून का राज नहीं, बल्कि बालू माफिया और भ्रष्ट तंत्र का गठजोड़ चल रहा है। अब देखना यह है कि वरीय पुलिस अधीक्षक धनबाद और खनन विभाग सिंदरी पुलिस की इस लापरवाही और संदिग्ध भूमिका पर क्या निष्पक्ष कार्रवाई करते हैं, या यह मामला भी हमेशा की तरह दबा दिया जायेगा।

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