- धर्म और विकास विरोधी है हिंडाल्को : रितेश कुमार
- हिंडाल्को अच्छी कंपनी नहीं, बल्कि धर्मविरोधी, विकास विरोधी एवं एक शोषक कंपनी : रितेश कुमार, अध्यक्ष, लोहरदगा चैंबर आॅफ कॉमर्स एवं विहिप
एबीएन न्यूज नेटवर्क, लोहरदगा। जब से समाज के लिये कुछ करने की ठानी है, उस समय से हमने हिंडाल्को कंपनी की अड़ियल एवं तानाशाही व्यवहार के खिलाफ हमेशा आवाज उठायी है और प्रबंधन को आईना दिखाने की कोशिश करते रहा हूं, परंतु प्रारंभ से ही हिंडाल्को प्रबंधन गजबहिरे की तरह सबकुछ सुनकर, जानकर भी अनजान बनी रहती है, तो उसके पीछे केवल एक कारण है, स्थानीय कुछ बिचौलियों एवं दलाल की मिलीभगत तथा ऊपर से नीचे तक सभी को उपकृत कर अपने कदमों तले झुकाये रखना।
जब मैं लोहरदगा चैंबर आॅफ कॉमर्स के प्रतिनिधि के तौर हिंडाल्को प्रबंधन से आग्रहपूर्वक कहा कि आप खनिज उत्खन्न के माध्यम अरबों की कमाई कर रहे हैं तो उस कमाई के कुछ अंश में हिस्सा लोहरदगा जिला की विकास कार्य का, धार्मिक अनुष्ठानों का, शिक्षा एवं स्वास्थ्य हेतु भी है। तो फिर सामाजिक निर्वहन दायित्वों के तहत आपका भी सुदृढ़ योगदान अवश्यंभावी है। परंतु हिंडाल्को प्रबंधन की कान में जूं तक नही रेंगती है।
वर्षों से डंपिंग यार्ड में बॉक्साइट डंपिंग और शहरी क्षेत्रों के सड़क द्वारा बॉक्साइट ढुलाई के कारण नगरीय क्षेत्र की सड़क का हालत बद से बदतर हो गयी है और साथ ही फैल रहे धूल कण से अस्थमा और कैंसर के रोगी अनगिनत बढ़ चुके हैं। कैंसर ने तो कितनो का घर बर्बाद कर दिया, किसी का मां, तो किसी का पिता अकाल मृत्यु के ग्रास बन गये और तो और कितनी माओं का आंचल सुना कर दिया, तो कितने सुहागिनों की मांग उजाड़ दिये।
जबकि 60 वर्षों से खनिज उत्खन्न करते हुए विकास का एक भी ऐसा काम नहीं किया, जिसपर लोहरदगावासी गर्व से कह पाते यदि हिंडाल्को कंपनी का लोहरदगा में पदार्पण से स्वास्थ्य संबंधी बढ़िया हॉस्पिटल, शिक्षा के प्रसार हेतु बढ़िया स्कूल ही स्थापित कर दिया होता। रोड नाली या गल्ली का विकास की तो बात करना ही फालतू है! क्योंकि ढांचागत विकास तो हिंडाल्को प्रबंधन की डिक्सनरी में है ही नही।
अब तो विगत चार पांच वर्षों से लोहरदगावासी धार्मिक चंदा के लिए भी तरस जा रहे हैं। जब हमने विश्व हिंदू परिषद का कार्यक्रम हेतु प्रबंधन से संपर्क किया, तो इन्होंने हिंदू संगठन हेतु चंदा या सहयोग से साफ इंकार किया और रामनवमी, दुर्गा पूजा इत्यादि में सहयोग हेतु वेंडर कोड खोलने एवं होने का शर्त रखकर अपना सहयोग से कन्नी काट लिया।
हिंडाल्को प्रबंधन कुछ बिचौलियों को नतमस्तक कर इतना तानाशाह हो चुकी है कि लोहरदगावासी के प्रति अपने दायित्वों से पूरी तरह मुंह फेर चुकी है। प्रश्न तो बहुत सारे हैं, जिसपर आवाज तो उठेगा।