- दामोदर में बही 16 वर्षीय सोनाक्षी का शव सिंदरी में मिला
- बालू माफिया और पुलिस के साठगांठ ने ली मासूम की जान
एबीएन न्यूज नेटवर्क, धनबाद। सुदामडीह थाना क्षेत्र अंतर्गत अमलाबाद में जितिया पर्व के स्नान के दौरान दामोदर नदी की तेज धार में बहकर लापता हुई 16 वर्षीय सोनाक्षी कुमारी का शव अंततः रविवार सुबह बरामद हो गया।
सिंदरी बस्ती के श्मशान घाट के पास मिला शव, सूचना पर पहुंचे परिजन
रविवार सुबह लगभग 7 बजे सिंदरी बस्ती के स्थानीय निवासी सीबू मंडल ने दामोदर नदी में तैरता हुआ शव देखा। उन्होंने तुरंत इसकी सूचना वरिष्ठ पत्रकार नरेंद्र जोशी को दी। सूचना पाते ही नरेंद्र जोशी ने मृतका के परिजनों और उनके मामा को फोन कर जानकारी दी। खबर मिलते ही मृतका के मामा अपने एक सहयोगी के साथ तुरंत पहुंचे।
जहां सिंदरी बस्ती के श्मशान घाट के पास सोनाक्षी का शव पानी में तैरता हुआ पाया गया। सूचना मिलने के बाद सिंदरी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए धनबाद के शहीद निर्मल महतो मेडिकल कॉलेज अस्पताल भेज दिया। पूरी प्रक्रिया झरिया अंचल के अभय सिन्हा की देखरेख में संपन्न हुई।
भांजी को बचाने में मामा भी डूबे, लोगों ने बचाई जान
घटना बीते 2 अक्टूबर 2026 की सुबह लगभग 8:30 बजे की है। मूल रूप से बिहार के आरा जिले की रहने वाली सोनाक्षी लोदना स्थित अपने मामा के घर आई हुई थी।
जितिया पर्व पर वह अमलाबाद स्थित दामोदर नदी में स्नान करने गई थी, जहां तेज बहाव में बहने लगी। उसे बचाने के लिए मामा अमन ने नदी में छलांग लगाई, लेकिन तेज धार के कारण वे भी डूबने लगे। मौके पर मौजूद स्थानीय लोगों ने तत्परता दिखाते हुए अमन को सुरक्षित बाहर निकाल लिया था।
प्रशासन और जनप्रतिनिधि रहे मौजूद
मौके पर झरिया अंचल के अंचल निरीक्षक राम रतन पांडे, अभय सिन्हा, सुदामडीह पुलिस, पार्षद वीरेंद्र कुमार, पार्षद मुनी लाल दास तथा धनबाद सांसद ढुल्लू महतो के प्रतिनिधि गफ्फार अंसारी उर्फ पप्पू स्थानीय लोगों के साथ मौजूद रहे।
बालू माफिया सिंडिकेट पर गंभीर आरोप, खौफनाक बने नदी के घाट
स्थानीय निवासी पिंटू महतो, अभिषेक महतो और राकेश महतो ने मीडिया को जानकारी देते हुए प्रशासनिक व्यवस्था पर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं।
ग्रामीणों का स्पष्ट कहना है कि अमलाबाद ओपी, भौंरा ओपी और सुदामडीह थाना क्षेत्र सहित तीन चार थाना क्षेत्रों के अंतर्गत दिन दहाड़े धड़ल्ले से बालू का अवैध उठाव हो रहा है। चाहे बोकारो पुलिस हो या धनबाद पुलिस, बालू माफिया के खिलाफ कार्रवाई करने में पूरी तरह असमर्थ और लाचार साबित हो रही है। गर्मी और सूखे के दिनों में जब नदी में पानी नहीं रहता।
तब बालू माफिया पोकलेन और जेसीबी लगाकर नदी के पेट से बालू खोद डालते हैं। इससे नदी के भीतर अनगिनत जानलेवा गहरे गड्ढे बन जाते हैं, जो पानी भरने के बाद दिखाई नहीं देते। ग्रामीणों ने आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि दामोदर नदी में जितने भी लोग डूबकर मर रहे हैं, उन सभी मौतों की सीधी जिम्मेदार स्थानीय पुलिस प्रशासन और बालू माफिया का सिंडिकेट है।
पत्रकार नरेंद्र जोशी के तीखे सवाल: कुंभकर्णी नींद में क्यों सोए हैं धनबाद उपायुक्त
प्रशासनिक नाकामी पर तीखा हमला बोलते हुए वरिष्ठ पत्रकार नरेंद्र जोशी ने कहा कि दामोदर नदी में हर साल 50 से अधिक पुरुषों, महिलाओं और मासूम बच्चों की जान जा रही है, लेकिन इसके बावजूद जिला प्रशासन कुंभकर्णी नींद में सोया हुआ है।
धनबाद उपायुक्त और पुलिस महकमा आखिर कितनी लाशें गिरने के बाद जागेगा उन्होंने सवाल उठाया कि अमलाबाद ओपी, भौंरा ओपी और सुदामडीह क्षेत्र में धड़ल्ले से चल रहे अवैध बालू खनन को रोकने तथा खतरनाक घाटों पर बैरिकेडिंग करने के लिए कोई ठोस कदम क्यों नहीं उठाए जा रहे।
जब हर साल दर्जनों लोग जान गंवा रहे हैं, तो दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में चेतावनी बोर्ड या सुरक्षा बलों की तैनाती क्यों नहीं की जाती लगातार हो रही मौतें और खुलेआम चलती बालू चोरी प्रशासनिक विफलता और माफिया के साथ साठगांठ का जीता जागता सबूत हैं।