एबीएन न्यूज नेटवर्क, धनबाद। मुरलीडीह भाटडीह ओपी क्षेत्र के मुरलीडीह, भाटडीह और तेतुलिया में शुरू हुआ अवैध कोयला खनन और परिवहन फिर सक्रिय हो गया हैं। यहां कई अवैध मुहानो को खोलकर व्यापक स्तर पर कोयले की अवैध खुदाई कर करोड़ो रुपये का अवैध कारोबार चल रहा हैं।
काला हिरा कहे जाने वाले कोयले की मची खुली लूट का आलम यह हैं कि प्रदीप और बारीक बाहर से आदिवासी गरीब मजदूरों को मोटी रकम की दिहाड़ी का प्रलोभन देकर कई माइंस खोल दिये हैं। ये कथित तौर पर बीसीसीएल के कुछ अधिकारीयों समेत तमाम संबंधित महकमो से सांठ-गांठ कर व्यापक पैयमाने पर कोयले का अवैध कारोबार कर रहे हैं।
इतना ही नहीं तस्कर कोयले के उक्त कारोबार को बीसीसीएल एवं फॉरेस्ट विभाग की जमीन पर संचालित कर रखे हैं। जिससे पर्यावरण सहित जंगली जीव-जंतुओ के आश्रय पर भी खतरा मंडरा रहा हैं। अनवरत चल रहे इस काले कारोबार में सभी तंत्र के औसुबल की प्रत्यक्ष अथवा परोक्ष रूप से समर्थन होने की बात सामने आ रही हैं।
सूत्रों के अनुसार बीते मंगलवार को इनके द्वारा ट्रको के माध्यम से खनन किये कोयले को बाहर भेजे जाने की खबर हैं। इधर जहां सीआइएसएफ अवैध खनन पर जहाँ रोकथाम की वाहवाही ले रहे हैं, इन सब के बीच मुरलीडीह, भाटडीह एवं तेतुलिया में चल रहे अवैध कारोबार पर आखिर खामोश क्यों हैं?
हालांकि बुधवार की दोपहर को सीआइएसएफ इन क्षेत्रों में छापेमारी करने गयी ऐसी सुचना हैं। किन्तु उनकी ये कार्रवाई महज ढाक के तीन पात साबित हो रही हैं। अब देखना दिलचस्प होगा की इसके बाद स्थानीय प्रशासन और तमाम सुरक्षा तंत्र की इस अवैध कारोबार पर क्या भूमिका सामने आती हैं।