- धनबाद : कतरास में महीनों से बंद स्ट्रीट लाइट, त्योहारों से पहले अंधेरे में नगर निगम वार्ड!
- नयी लाइट लगाने की तैयारी के बीच पुरानी लाइटों की सुध कब लेगा निगम?
एबीएन न्यूज नेटवर्क, कतरास। वार्ड नंबर 1 से 8 में महीनों से बंद पड़ी स्ट्रीट लाइटों को लेकर नगर निगम की व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों के सिजुआ से नदी किनारे होते हुए छाताबाद तक कई स्थानों पर स्ट्रीट लाइट लंबे समय से खराब हैं। गली-मोहल्लों में भी कई लाइटें बंद पड़ी हैं। वहीं रामकनाली से गुहीबांध को जोड़ने वाली सड़क पर भी स्ट्रीट लाइट खराब होने की शिकायत सामने आयी है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि शाम ढलते ही कई हिस्सों में अंधेरा छा जाता है। दुर्गा पूजा समेत अन्य पर्व-त्योहारों के दौरान रात तक लोगों की आवाजाही बढ़ जाती है। ऐसे में मुख्य सड़कों के साथ-साथ मोहल्लों में खराब पड़ी लाइटों को जल्द दुरुस्त कराने की मांग जोर पकड़ रही है।
नयी 3,000 लाइटों का टेंडर, पुरानी लाइटों का क्या?
मामला इसलिए भी अहम है कि धनबाद नगर निगम ने शहर के 55 वार्डों में 3,000 नयी स्ट्रीट लाइट लगाने के लिए टेंडर जारी किया है। योजना के तहत वार्ड संख्या 1 से 8 तक 600 नई लाइटें लगाने का प्रावधान बताया गया है। नगर निगम बोर्ड में पार्षदों द्वारा खराब और अपर्याप्त स्ट्रीट लाइट का मुद्दा उठाए जाने के बाद यह प्रक्रिया शुरू हुई है।
लेकिन वार्ड-1से 8 के लोगों का सीधा सवाल है कि नई लाइट लगाने की योजना के साथ पहले से लगी खराब लाइटों की मरम्मत कब होगी?
महीनों से बंद लाइटों को दुरुस्त किए बिना केवल नई लाइट लगाने की प्रक्रिया से तत्काल समस्या का समाधान कैसे होगा?
पुरानी शिकायतों से भी उठते रहे हैं सवाल
स्ट्रीट लाइटों की स्थिति को लेकर नगर निगम स्तर पर पहले भी समीक्षा होती रही है। वर्ष 2020 में तत्कालीन नगर आयुक्त ने निगम क्षेत्र में लगी स्ट्रीट लाइटों का पूरा ब्योरा मांगा था और चालू तथा खराब लाइटों की स्थिति स्पष्ट करने का निर्देश दिया था।
अब त्योहारों का मौसम शुरू हो चुका है। ऐसे में वार्ड-1 से 8 के लोगों की मांग है कि नगर निगम केवल नई लाइट लगाने की योजना तक सीमित न रहे, बल्कि पहले से लगी खराब स्ट्रीट लाइटों की भी तत्काल जांच कराकर मरम्मत कराये। सवाल यही है—महीनों से अंधेरे में पड़ी इन सड़कों और गलियों को रोशन करने की जिम्मेदारी आखिर कब तय होगी?