- धनबाद : बेलगड़िया में बार-बार हादसे के बाद भी प्रशासन खामोश!
- पांच साल में ही सरकारी आवासों की हालत जर्जर, आखिर जवाबदेह कौन?
एबीएन न्यूज नेटवर्क, धनबाद। अग्नि प्रभावित क्षेत्रों से विस्थापित परिवारों को सुरक्षित और बेहतर जीवन देने के उद्देश्य से बेलगड़िया टाउनशिप में बसाया गया था। लेकिन आज यही टाउनशिप अपने ही घरों की गुणवत्ता को लेकर सवालों के घेरे में खड़ी है। आए दिन कहीं छज्जा गिर रहा है, तो कहीं प्लास्टर टूटकर जमीन पर आ रहा है। सवाल यह है कि जब लोगों की सुरक्षा से जुड़ी इतनी गंभीर घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं, तो प्रशासन आखिर कब जागेगा?
बेलगड़िया में आवास निर्माण के दौरान और उसके बाद समय-समय पर जिला प्रशासन एवं संबंधित अधिकारियों द्वारा निरीक्षण और बैठकें की जाती रही हैं। बैठकों में निर्माण की गुणवत्ता पर चर्चा भी होती है। इसके बावजूद करीब पांच वर्ष में ही भवनों में टूट-फूट और छज्जा-प्लास्टर गिरने जैसी घटनाएं सामने आना निर्माण कार्य की गुणवत्ता और निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि अधिकारी आते हैं, निरीक्षण करते हैं, बैठक होती है और आश्वासन भी मिलता है, लेकिन जमीनी स्तर पर स्थिति सुधरती नजर नहीं आ रही है। अगर भवन सुरक्षित हैं और निर्माण मानकों के अनुरूप हुआ है, तो फिर बार-बार छज्जे और प्लास्टर क्यों गिर रहे हैं?
सबसे बड़ा सवाल यह भी है कि किस अधिकारी ने इन भवनों की गुणवत्ता की जांच की थी? निर्माण कार्य की निगरानी किस स्तर पर हुई? भवनों को रहने योग्य प्रमाणित करने से पहले क्या उनकी तकनीकी जांच हुई थी? और लगातार घटनाओं के बाद अब तक जिम्मेदारी क्यों तय नहीं की गयी?
लोगों का कहना है कि प्रशासन को केवल घटनाओं के बाद मौके पर पहुंचने के बजाय यह पता लगाना चाहिए कि आखिर गलती हुई कहां है। यदि निर्माण में घटिया सामग्री का इस्तेमाल हुआ है, इंजीनियरिंग मानकों की अनदेखी हुई है या निगरानी में लापरवाही बरती गयी है, तो इसकी जिम्मेदारी तय होनी चाहिए।
स्थानीय लोगों ने मांग की है कि बेलगड़िया टाउनशिप के सभी आवासों की स्वतंत्र और उच्चस्तरीय तकनीकी जांच करायी जाये। जांच रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए और यदि निर्माण में अनियमितता या लापरवाही सामने आती है तो संबंधित एजेंसी, ठेकेदार और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की जाये।
क्योंकि सवाल सिर्फ दीवार के प्लास्टर या छज्जे का नहीं है—सवाल उन परिवारों की सुरक्षा का है, जिन्हें अग्नि प्रभावित क्षेत्र से हटाकर सुरक्षित जीवन का भरोसा देकर यहां बसाया गया था। देखना है कि प्रशासन अगली दुर्घटना का इंतजार करेगा या उससे पहले बेलगड़िया के आवासों की गुणवत्ता की गंभीरता से जांच कराकर जिम्मेदारी तय करेगा?