- स्वच्छ सागर, सुरक्षित सागर अभियान के तहत कार्तिक उरांव महाविद्यालय में विविध प्रतियोगिताओं का आयोजन
एबीएन न्यूज नेटवर्क, गुमला। राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (NCTE) के दिशा-निर्देशों के अनुरूप स्वच्छ सागर, सुरक्षित सागर अभियान के तहत कार्तिक उरांव महाविद्यालय, गुमला के शिक्षा संकाय (B.Ed.) द्वारा गुरुवार को विभिन्न जागरूकता एवं रचनात्मक प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम में प्रथम एवं द्वितीय वर्ष के प्रशिक्षु शिक्षकों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए समुद्री पर्यावरण संरक्षण एवं प्लास्टिक प्रदूषण के प्रति जन-जागरूकता का संदेश दिया। कार्यक्रम के अंतर्गत पेंटिंग प्रतियोगिता, भाषण प्रतियोगिता, निबंध लेखन प्रतियोगिता एवं पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता आयोजित की गई।
प्रतियोगिताओं में B.Ed. के प्रशिक्षु शिक्षकों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और अपनी रचनात्मकता के माध्यम से स्वच्छ समुद्र, सुरक्षित पर्यावरण तथा प्लास्टिक मुक्त जीवन का संदेश प्रस्तुत किया। इस अवसर पर महाविद्यालय के प्रभारी प्राचार्य ने प्रशिक्षु शिक्षकों को संबोधित करते हुए कहा कि वर्तमान समय में सुविधा-भोगी जीवनशैली के कारण प्लास्टिक का उपयोग लगातार बढ़ता जा रहा है, जो पर्यावरण के लिए गंभीर चुनौती बन गया है।
उन्होंने कहा कि अक्सर हम यह सोचते हैं कि समुद्र से दूर रहने के कारण समुद्री प्रदूषण में हमारी कोई भूमिका नहीं है, जबकि वास्तविकता यह है कि हमारे द्वारा उपयोग किया गया प्लास्टिक नालियों, नदियों एवं जलस्रोतों के माध्यम से अंततः समुद्र तक पहुंचता है और समुद्र की तलहटी में जमा होकर समुद्री पारिस्थितिकी तंत्र को प्रभावित करता है।
उन्होंने प्रशिक्षु शिक्षकों से आह्वान किया कि वे स्वयं प्लास्टिक के अनावश्यक उपयोग से बचें और समाज में भी इसके प्रति जागरूकता फैलाएं। उन्होंने कहा कि समुद्री जीव-जंतुओं के संरक्षण के साथ-साथ अपने आसपास के पर्यावरण को सुरक्षित रखना प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है।
विभागाध्यक्ष नीलम प्रतिमा मिंज ने भी प्रशिक्षु शिक्षकों को संबोधित करते हुए प्लास्टिक के बढ़ते उपयोग को कम करने तथा पर्यावरण संरक्षण को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल किसी एक दिन का अभियान नहीं, बल्कि निरंतर चलने वाली सामूहिक जिम्मेदारी है।
कार्यक्रम के दौरान शिक्षा संकाय के शिक्षकों एवं कर्मचारियों ने सभी प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन किया और उन्हें पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपने दायित्वों का निर्वहन करने के लिए प्रेरित किया। प्रतियोगिताओं के परिणाम आने वाले दिनों में घोषित किए जाएंगे।
कार्यक्रम में विभागाध्यक्ष नीलम प्रतिमा मिंज, मंती कुमारी, सरिता टोप्पो, डॉ. राकेश प्रसाद, डॉ. दीपक प्रसाद, डॉ. सिलास डंहगा, डॉ. रंजीत कुमार, डॉ. शैलेंद्र कुमार, मनोज कुमार, शिल्पी सहित शिक्षा संकाय के सभी शिक्षक एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में विभाग के समन्वयक अभिनय कुमार की भी विशेष उपस्थिति रही। कार्यक्रम का सफल संचालन अनुतलान मिंज ने किया।
कार्यक्रम के माध्यम से प्रशिक्षु शिक्षकों ने यह संदेश दिया कि समुद्र भले ही हमसे दूर हो, लेकिन उसे स्वच्छ और सुरक्षित रखने की जिम्मेदारी हम सभी की है। प्लास्टिक का कम उपयोग, जलस्रोतों की स्वच्छता और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदार व्यवहार ही स्वच्छ सागर और सुरक्षित भविष्य की आधारशिला है। धन्यवाद ज्ञापन डॉ रंजीत कुमार सिंह ने किया।