एबीएन न्यूज नेटवर्क, धनबाद। गजलीटांड खदान हादसे की 31वीं बरसी आज, 64 श्रमिकों की मौत से दहला गया था धनबाद के कतरास स्थित गजलीटांड खदान हादसे को आज 31 साल पूरे हो गए। 26 सितंबर 1995 को हुए इस दर्दनाक हादसे में खदान के अंदर अचानक पानी घुस गया था। हादसे में 64 खनिकों की जान चली गई थी।
यह हादसा धनबाद के कोयलांचल के सबसे बड़े खदान हादसों में गिना जाता है। उस समय खदान के अंदर बड़ी संख्या में मजदूर काम कर रहे थे। अचानक पानी भरने के बाद कई मजदूर अंदर ही फंस गए और उन्हें बाहर निकालने की कोशिशें लंबे समय तक चलती रहीं। हादसे के बाद पूरे इलाके में मातम का माहौल था। मृत खनिकों के परिवारों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा था।
आज भी हर साल 26 सितंबर को गजलीटांड हादसे को याद कर मृत खनिकों को श्रद्धांजलि दी जाती है। 31 साल बाद भी गजलीटांड हादसा धनबाद के लोगों की यादों में जिंदा है। यह घटना खनन क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था और मजदूरों की सुरक्षा के महत्व की याद दिलाती है।