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कतरास में FIR पर सियासत गरम! धरने के बाद कांग्रेस नेता अशोक प्रकाश लाल नामजद

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कतरास में FIR पर सियासत गरम! धरने के बाद कांग्रेस नेता अशोक प्रकाश लाल नामजद
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  • कतरास में FIR पर सियासत गरम! धरने के बाद कांग्रेस नेता अशोक प्रकाश लाल नामजद
  • शिकायत को लेकर शुरू हुआ विवाद सड़क पर पहुंचा, थाना चौक पर धरना और जाम के बाद पुलिस कार्रवाई
  • नेता बोले- गिरफ्तारी से नहीं डरता, कोयला चोरी का विरोध करता रहूंगा

एबीएन न्यूज नेटवर्क, कतरास। अवैध खनन के विरोध में शिकायत दर्ज कराने को लेकर शुरू हुआ विवाद अब पुलिस प्राथमिकी और राजनीतिक बयानबाजी तक पहुंच गया है। कतरास थाना चौक पर 24 सितंबर को हुए धरना-प्रदर्शन और सड़क जाम के मामले में कांग्रेस नेता अशोक प्रकाश लाल को भी नामजद किए जाने के बाद क्षेत्र में राजनीतिक सरगर्मी बढ़ गई है। 

इस घटनाक्रम को लेकर जहां पुलिस प्राथमिकी में दर्ज आरोपों के आधार पर कार्रवाई की बात कर रही है, वहीं अशोक प्रकाश लाल ने इसे कोयला चोरी के खिलाफ उठाई गई आवाज से जोड़ते हुए कहा है कि वह गिरफ्तारी से नहीं डरते और विरोध जारी रखेंगे।

मामले की शुरुआत वार्ड संख्या-05 की पार्षद निरूपमा देवी द्वारा अवैध खनन के संबंध में शिकायत दर्ज कराने की कोशिश से जुड़ी बताई जा रही है। आरोप है कि शिकायत देने को लेकर थाना स्तर पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद समर्थकों और स्थानीय लोगों में नाराजगी बढ़ी और मामला कतरास थाना चौक तक पहुंच गया।

थाना चौक पर जुटी भीड़, सड़क जाम का आरोप

पुलिस की लिखित शिकायत के अनुसार, 24 सितंबर को पार्षद निरूपमा देवी के नेतृत्व में करीब 90 से 100 लोग कतरास थाना चौक पर जुटे थे। आरोप है कि प्रदर्शन के दौरान सड़क पर सब्जी-फल की ट्रे लगाकर करीब दो घंटे तक आवागमन बाधित किया गया। पुलिस के अनुसार, इससे सड़क के दोनों ओर वाहनों की कतार लग गई और यातायात व्यवस्था प्रभावित हुई। ताजा प्रकाशित रिपोर्टों में भी थाना चौक पर प्रदर्शन, सड़क जाम और पुलिस द्वारा प्रदर्शनकारियों को हटाकर आवागमन बहाल कराने का उल्लेख है। 

रिपोर्ट के मुताबिक मौके पर कतरास थाना प्रभारी प्रवीण कुमार, धर्माबांध ओपी के प्रभारी धीरज कुमार और रामकनाली ओपी प्रभारी अलिशा कुमारी अग्रवाल पुलिस बल के साथ पहुंचे थे। पुलिस का कहना है कि मामले में कानून-व्यवस्था और यातायात बाधित होने से जुड़े तथ्यों की जांच की जा रही है। हालांकि प्राथमिकी में लगाए गए आरोपों का अंतिम सत्यापन जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगा।

अशोक लाल बोले- कोयला चोरी, भू धसान के खिलाफ आवाज जारी रहेगी

कांग्रेस नेता अशोक प्रकाश लाल का कहना है कि वह कोयला चोरी, भू धसान के विरोध और स्थानीय लोगों की शिकायत को लेकर धरने में शामिल हुए थे। उनका कहना है कि आंदोलन का उद्देश्य शिकायत दर्ज कराना और संबंधित मामले में कार्रवाई की मांग करना था। अशोक लाल ने कहा है- गिरफ्तारी से नहीं डरता, कोयला चोरी का विरोध करता रहूंगा।

उनके समर्थकों का कहना है कि यदि किसी नागरिक या जनप्रतिनिधि की शिकायत को लेकर शांतिपूर्ण तरीके से आवाज उठाई गई थी, तो उसके बाद FIR में नामजदगी को लेकर सवाल उठना स्वाभाविक है। वहीं पुलिस का पक्ष यह है कि कार्रवाई प्रदर्शन के दौरान सामने आए कथित कानून-व्यवस्था और सड़क जाम से जुड़े आरोपों के आधार पर की जा रही है।

मामला सिर्फ FIR का नहीं, दो शिकायतों का भी

इस पूरे विवाद का एक दूसरा पहलू भी सामने आया है। प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार, दोनों पक्षों की ओर से अलग-अलग शिकायतें दी गई हैं। एक पक्ष ने मारपीट, गाली-गलौज, धमकी और अन्य आरोप लगाए हैं, जबकि दूसरे पक्ष की ओर से भी महिला के साथ कथित दुर्व्यवहार और मारपीट की शिकायत किए जाने की बात सामने आई है। 

कतरास थाना प्रभारी ने दोनों पक्षों की शिकायत मिलने और जांच के बाद कार्रवाई की बात कही है। ऐसे में पूरे मामले को केवल राजनीतिक विवाद के रूप में देखना फिलहाल जल्दबाजी होगी। शिकायतों की जांच महत्वपूर्ण है, तो दूसरी ओर सड़क जाम और प्रदर्शन के दौरान कानून-व्यवस्था के नियमों के उल्लंघन के आरोपों की भी पुलिस जांच जरूरी है।

अब जांच पर टिकी नजर

कतरास में हाल के दिनों में भू-धंसान को लेकर पहले से ही लोगों में नाराजगी है। 24 सितंबर को भी क्षेत्र में भू-धंसान के विरोध में व्यापक बंद और प्रदर्शन हुआ था। ऐसे माहौल में थाना चौक के प्रदर्शन पर दर्ज FIR ने विवाद को नया राजनीतिक रंग दे दिया है।

अब निगाहें पुलिस जांच पर हैं—क्या FIR में लगाए गए आरोपों के पर्याप्त साक्ष्य सामने आते हैं, क्या दोनों पक्षों के आरोपों की निष्पक्ष जांच हो पाती है। फिलहाल इतना स्पष्ट है कि कतरास में विरोध से शुरू हुआ विवाद अब FIR बनाम आंदोलन की बहस में बदल चुका है।

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