Breaking
ताज़ा समाचार लोड हो रहा है...
लाइव: 12
होम देश झारखंड खेल समाचार राज काज कानून व्यवस्था करियर बिजनेस वर्ल्ड हेल्थ विचार ज्ञान विज्ञान समाज वन और पर्यावरण मनोरंजन बिहार विज्ञापन
झारखंड

धनबाद : राजगंज-चास एनएच- 32 बिलबेरा-सोनारडीह बना डेथ ट्रैप

शेयर करें: WhatsApp Facebook X Back to ePaper
धनबाद : राजगंज-चास एनएच- 32  बिलबेरा-सोनारडीह बना डेथ ट्रैप
विज्ञापन

रेलवे फाटक भी मुसीबत; वीवीआईपी मौन 

एबीएन न्यूज नेटवर्क, कतरास (धनबाद)। राजगंज-चास राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच-32), जो रांची और जमशेदपुर को सीधे जीटी रोड से जोड़ता है, इन दिनों बदहाली के सबसे बुरे दौर से गुजर रहा है। बिलबेरा से सोनारडीह थाना तक का हिस्सा पूरी तरह मौत का कुआं बन चुका है। प्रतिदिन सैकड़ों छोटी-बड़ी गाड़ियों की आवाजाही वाले इस व्यस्त मार्ग पर अब तक कई लोग अपनी जान गंवा चुके हैं, लेकिन प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की नींद नहीं टूट रही है।

बरसात में और भी खौफनाक हुआ मंजर, रात में काल बन रहे गड्ढे 

वर्तमान में हो रही लगातार बारिश ने इस नेशनल हाईवे की स्थिति को और भी भयावह बना दिया है। सड़क पर बने बड़े-बड़े गड्ढों में पानी भर जाने के कारण वाहन चालकों को गहराई का अंदाजा नहीं मिल पाता। सबसे खराब स्थिति रात के अंधेरे में होती है, जब जलभराव के कारण गड्ढे नजर नहीं आते। 

नतीजतन, रोजाना दोपहिया और चार पहिया वाहन इन गड्ढों में गिरकर दुर्घटनाग्रस्त हो रहे हैं। इससे न केवल लोगों के वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो रहे हैं, बल्कि राहगीर गंभीर रूप से चोटिल होकर अस्पतालों में पहुंच रहे हैं। 

सोनारडीह रेलवे फाटक: कोढ़ में खाज बना महाजाम 

इस मार्ग पर सिर्फ जर्जर सड़क ही नहीं, बल्कि सोनारडीह रेलवे फाटक भी आम जनता के लिए बड़ी मुसीबत साबित हो रहा है। फाटक बार-बार और लंबे समय तक बंद रहने के कारण यहां प्रतिदिन महाजाम की स्थिति बन जाती है। एंबुलेंस से लेकर कामकाजी लोग घंटों इस जाम में फंसे रहते हैं। जर्जर सड़क और रेलवे फाटक के दोहरे संकट ने स्थानीय लोगों और चालकों का जीना मुहाल कर दिया है।  

मंत्री, सांसद और विधायकों का काफिला गुजरता है रोज, पर सब मौन 

स्थानीय ग्रामीणों में इस बात को लेकर भारी आक्रोश है कि इस महत्वपूर्ण हाईवे से क्षेत्र के मंत्री, सांसद, विधायक और प्रशासन के तमाम छोटे-बड़े आला अधिकारी रोजाना अपने चमचमाते वाहनों से गुजरते हैं। सबकी नजर इन जानलेवा गड्ढों और रेलवे फाटक के जाम पर पड़ती है, लेकिन इसके बावजूद आज तक किसी ने सुध नहीं ली। जनता का आरोप है कि नेता और अधिकारी सिर्फ वोट और फाइलों तक सीमित हैं, जमीन पर आम लोगों को मरने के लिए छोड़ दिया गया है।

 ग्रामीणों और वाहन चालकों ने चेतावनी दी है कि अगर NHAI (भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण) और जिला प्रशासन ने अविलंब इस एनएच की विशेष मरम्मत नहीं कराई और रेलवे फाटक की समस्या का स्थायी समाधान (ओवरब्रिज निर्माण) नहीं निकाला, तो वे उग्र आंदोलन को बाध्य होंगे।

विज्ञापन