- डीएवी शिक्षा दीप विद्यालय में हिंदी दिवस समारोह आयोजित
- भाषा के संरक्षण एवं संवर्धन पर हुआ मंथन
टीम एबीएन, रांची। हिंदी पखवाड़ा के तहत को डीएवी शिक्षा दीप विद्यालय में हिंदी दिवस समारोह का आयोजन किया गया। राष्ट्रगीत वंदे मातरम् एवं दीप प्रज्वलन के साथ कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन हुआ। कार्यक्रम में हिंदी भाषा के महत्व, उसके संरक्षण, संवर्धन तथा नई पीढ़ी को हिंदी से जोड़ने पर वक्ताओं ने अपने विचार व्यक्त किए।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि विनोद बिहारी महतो कोयलांचल विश्वविद्यालय, धनबाद के पूर्व कुलपति प्रो. अंजनी कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि हिंदी केवल संवाद की भाषा नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, परंपरा और राष्ट्रीय एकता को जोड़ने वाली महत्वपूर्ण कड़ी है।
मुख्य वक्ता विद्या भारती विद्यालय, झारखंड के निरीक्षक अमरकांत झा ने कहा कि मातृभाषा और भारतीय भाषाओं के माध्यम से शिक्षा को अधिक प्रभावी एवं सहज बनाया जा सकता है। कार्यक्रम की अध्यक्षता राजकमल सरस्वती विद्या मंदिर, धनबाद के संस्थापक प्राचार्य डॉ. वासुदेव प्रसाद ने की। उन्होंने कहा कि भाषा किसी भी राष्ट्र की सांस्कृतिक चेतना की आधारशिला होती है।
विशिष्ट अतिथि राजकीय शिक्षक प्रशिक्षण महाविद्यालय, कांके के सहायक प्राध्यापक डॉ. ओम प्रकाश ने कहा कि हिंदी को केवल एक विषय के रूप में नहीं, बल्कि ज्ञान, चिंतन और अभिव्यक्ति के सशक्त माध्यम के रूप में देखने की आवश्यकता है।
आरकेडीएफ विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रो. ए.के. श्रीवास्तव ने हिंदी के व्यापक अकादमिक एवं सामाजिक उपयोग पर प्रकाश डालते हुए कहा कि हिंदी का विकास तभी सार्थक होगा, जब इसे ज्ञान-विज्ञान, तकनीक और उच्च शिक्षा से निरंतर जोड़ा जाए।कार्यक्रम के संयोजक डॉ. बालेश्वर पाठक रहे।
इस अवसर पर सभी अतिथियों को अंगवस्त्र एवं स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मानित विद्यालय के निदेशक शिवनंदन पाठक ने किया गया। कार्यक्रम में विद्यालय के प्राचार्य सूरज कुमार, उप प्राचार्य सुनीता मिश्रा, कल्याण पांडे, गौरव कुमार झा, चेतना उपाध्याय, रबीता कुमारी, रीता सिंह, शिव किशोर शर्मा सहित बड़ी संख्या में शिक्षक-शिक्षिकाएं एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।