- महिला दारोगा की मौत मामले में डॉक्टर और स्टाफ के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज
टीम एबीएन, रांची। महिला दारोगा की मौत मामले में डॉक्टर और स्टाफ के खिलाफ मामला दर्ज हुआ है। तुपुदाना स्थित राजेंद्र नर्सिंग होम में प्रसव के लिए भर्ती 34 वर्षीय महिला दरोगा सुमित्रा कच्छप की इलाज के दौरान हुई मौत के मामले में मृतका के पति कार्तिक मुंडा की लिखित शिकायत पर कार्रवाई करते हुए तुपुदाना थाना पुलिस ने राजेंद्र नर्सिंग होम की डॉक्टर संध्या कुमारी, अस्पताल प्रशासन और संबंधित मेडिकल स्टाफ के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
क्या है पूरा मामला
नामकुम थाना क्षेत्र के तोरार गांव के रहने वाले कार्तिक मुंडा ने पुलिस को दी गई शिकायत में बताया कि उनकी पत्नी सुमित्रा कच्छप को प्रसव पीड़ा होने पर 15 सितंबर की सुबह करीब 8:30 बजे तुपुदाना स्थित राजेंद्र नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया था।
अस्पताल की डॉक्टर संध्या कुमारी ने परिजनों को जानकारी दी कि बच्चा ब्रीच पोजीशन में है, इसलिए मां और नवजात की सुरक्षा के लिए सिजेरियन ऑपरेशन (सिजेरियन डिलीवरी) करना अनिवार्य है। परिजनों की सहमति के बाद सुबह करीब 9:30 बजे महिला का ऑपरेशन किया गया, जिसके बाद करीब 3.5 किलोग्राम वजन के एक स्वस्थ बच्चे का जन्म हुआ।
इंजेक्शन के बाद बिगड़ी तबीयत, हुई बेहोश
पति का आरोप है कि ऑपरेशन के लगभग 11 से 12 घंटे बाद सुमित्रा को तेज दर्द महसूस होने लगा और उसे सांस लेने में भारी तकलीफ होने लगी। जब इसकी जानकारी वहां मौजूद मेडिकल स्टाफ को दी गई, तो ऑन-ड्यूटी नर्स ने मरीज को एक इंजेक्शन दिया। आरोप है कि इंजेक्शन लगाते ही सुमित्रा की हालत सुधरने के बजाय और अधिक बिगड़ गई तथा कुछ ही देर में वह पूरी तरह बेहोश हो गई।
स्थिति को गंभीर होते देख डॉक्टर संध्या कुमारी ने आनन-फानन में मरीज को देवनिका अस्पताल रेफर कर दिया। हालत बिगड़ने के बावजूद मरीज को समय रहते किसी बड़े या बेहतर सुविधाओं वाले अस्पताल में रेफर नहीं किया गया, जिसके कारण उनकी जान चली गई।