- लोहरदगा सदर अस्पताल बना रेफरल अस्पताल : रामाधार पाठक
एबीएन न्यूज नेटवर्क, लोहरदगा। सदर अस्पताल अब सदर अस्पताल कम और रेफरल अस्पताल ज्यादा बनकर रह गया है।लोहरदगा में स्वास्थ्य व्यवस्था की स्थिति बेहद चिंताजनक है। आए दिन दुर्घटनाएं होती हैं, मरीज गंभीर हालत में सदर अस्पताल पहुंचते हैं, लेकिन समुचित इलाज की व्यवस्था के अभाव में उन्हें बाहर रेफर करना पड़ता है। सवाल यह है कि आखिर जनता को अपने ही जिले में बेहतर इलाज कब मिलेगा?
हाल की सड़क दुर्घटना में एक व्यक्ति की मौत और एक के घायल होने के बाद एक बार फिर नेता और स्वास्थ्य विभाग सक्रिय हुए। पूर्व राज्यसभा सांसद धीरज प्रसाद साहू का अस्पताल पहुंचना और स्वास्थ्य मंत्री से फोन पर बातचीत कर पोस्टमार्टम एवं बेहतर इलाज की व्यवस्था की बात करना स्वागत योग्य है।
लेकिन मेरा सवाल है—क्या सरकार और प्रशासन हर बार किसी हादसे और मौत के बाद ही जागेगा?
घटना के बाद मंत्री सक्रिय हो जाते हैं, अधिकारी सक्रिय हो जाते हैं, बयान जारी होते हैं और कुछ दिनों तक व्यवस्था सुधारने की बातें होती हैं। लेकिन कुछ समय बाद फिर वही स्थिति हो जाती है।
लोहरदगा की जनता को “घटना के बाद की सक्रियता” नहीं, बल्कि 24 घंटे मजबूत स्वास्थ्य व्यवस्था चाहिए।
सदर अस्पताल में पर्याप्त चिकित्सक, आवश्यक जांच, दवाइयां, विशेषज्ञ उपचार और आपातकालीन सुविधाएं सुनिश्चित करना सरकार और जिला प्रशासन की जिम्मेदारी है। गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों को इलाज के लिए रांची या दूसरे शहरों की ओर भागना न पड़े, यह व्यवस्था की प्राथमिकता होनी चाहिए।
मैं सरकार और जिला प्रशासन से मांग करता हूं कि लोहरदगा सदर अस्पताल की स्वास्थ्य व्यवस्था की तत्काल समीक्षा कर स्थायी समाधान निकाला जाए।
जनता को आश्वासन नहीं, इलाज चाहिए।
घटना के बाद कार्रवाई नहीं, घटना से पहले व्यवस्था चाहिए।
— रामाधार पाठक
युवा नेता एवं समाजसेवी, लोहरदगा