- संयुक्त वार्षिक प्रशिक्षण शिविर के तीसरे दिन कैडेटों ने सीखा योग
- सैन्य प्रशिक्षण और प्राथमिक उपचार के गुर
एबीएन न्यूज नेटवर्क, कोडरमा। बागीटांड़ स्थित राजकीय पॉलिटेक्निक कोडरमा परिसर में ग्रुप मुख्यालय हजारीबाग के अंतर्गत 45 झारखंड बटालियन एनसीसी, कोडरमा के तत्वावधान में कमांडिंग ऑफिसर पारस लिंबू कीर्ति चक्र के कुशल नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में आयोजित 10 दिवसीय संयुक्त वार्षिक प्रशिक्षण शिविर के तीसरे दिन की शुरुआत एनसीसी गीत एवं योग सत्र से हुई। जिले के विभिन्न विद्यालयों, महाविद्यालयों एवं पॉलिटेक्निक संस्थानों से आए करीब 600 एनसीसी कैडेटों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
योग सत्र में कोडरमा के प्रसिद्ध योग गुरु प्रदीप सुमन एवं योगाचार्या सुषमा सुमन ने कैडेटों को कपालभाति, अनुलोम-विलोम सहित विभिन्न योगासनों का अभ्यास कराया। उन्होंने स्वस्थ एवं अनुशासित जीवन के लिए नियमित योग को आवश्यक बताया।
बटालियन के सूबेदार मेजर जी के चौधरी एवं ट्रेनिंग जेसीओ बलविंदर सिंह ने योग प्रशिक्षकों को मोमेंटो देकर सम्मानित किया।
सैन्य प्रशिक्षण के तहत कैडेटों को राइफल फायरिंग एवं विभिन्न फायरिंग पोजीशन, एयर पिस्टल फायरिंग तथा ड्रिल का अभ्यास कराया गया। फायरिंग का प्रशिक्षण सूबेदार चंपा मुरमू तथा ड्रिल का प्रशिक्षण सूबेदार सुमेर सिंह एवं दीपक महतो द्वारा दिया जा रहा है।
कोडरमा सदर अस्पताल के चिकित्सक डॉ. संदीप कुमार ने कैडेटों को सांप एवं कुत्ते के काटने तथा जलने की स्थिति में प्राथमिक उपचार के उपायों की जानकारी दी। उन्होंने सीपीआर का व्यावहारिक प्रदर्शन भी किया। बटालियन के ट्रेनिंग एनसीओ सुधीर मिश्रा ने हथियारों के रखरखाव एवं उनके विभिन्न पार्ट्स की जानकारी दी तथा कैडेटों को वॉलीबॉल प्रतियोगिता का अभ्यास कराया।
शिविर के डिप्टी कैंप कमांडेंट लेफ्टिनेंट संतोष कुमार, लेफ्टिनेंट चंदन कुमार दुबे, लेफ्टिनेंट डॉ. विजेंद्र कुशवाहा, लेफ्टिनेंट राधिका एवं गर्ल्स कैडेट इंस्ट्रक्टर शिवानी शर्मा के मार्गदर्शन में हिंदी कविता, सांस्कृतिक नृत्य, संगीत एवं ड्राइंग प्रतियोगिताओं का अभ्यास कराया जा रहा है।
वहीं प्रधान सहायक राजेश कुमार, सहायक रणधीर कुमार, सहायक सिद्धार्थ कुमार, सहायक दिग्विजय कुमार एवं एलडीसी सोहित कुमार सिंह द्वारा शिविर से संबंधित दस्तावेजी एवं प्रशासनिक कार्यों का निष्पादन किया जा रहा है। शिविर के सफल संचालन में बटालियन के सभी प्रशिक्षण एवं प्रशासनिक कर्मचारी सक्रिय योगदान दे रहे हैं।