अमेरिकी कंपनियों के दबाव में मोदी सरकार ने किया सरेंडर, 2000 से अधिक के वढक भुगतान पर 0.5% चार्ज लगाने की तैयारी
एबीएन न्यूज नेटवर्क, लोहरदगा। लोकसभा सांसद सह छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस के प्रभारी सुखदेव भगत ने केंद्र की मोदी सरकार पर डिजिटल इंडिया की नीति को लेकर तीखा हमला बोला है।
सांसद श्री भगत ने कहा कि केंद्र सरकार ने अमेरिकी पेमेंट कंपनियों की मनमानी के आगे घुटने टेक दिये हैं। सरकार की नयी नीति के अनुसार बैंक 2,000 तक के यूपीआई पेमेंट पर सीधे या इनडायरेक्ट तरीके से चार्ज नहीं लगा सकेंगे, लेकिन 2,000 से अधिक के भुगतान पर 0.5% चार्ज वसूलने का प्रस्ताव है।
सांसद श्री भगत ने कहा कि यह प्रस्तावित 0.5% चार्ज सीधे-सीधे देश के आम नागरिकों, मध्यम वर्ग, किसानों और छोटे दुकानदारों पर बोझ है। आज एक आम आदमी भी 2000 से ज्यादा का यूपीआई करता है, चाहे वह बच्चों की स्कूल फीस हो, दवा का खर्च हो या घर का राशन हो।
उस पर चार्ज लगाना गरीब विरोधी कदम है। ऐसे समय में जब पूरी दुनिया कैशलेस और डिजिटल इकॉनमी की ओर बढ़ रही है, भारत सरकार को डिजिटल लेनदेन को और सस्ता और आसान बनाना चाहिए था, लेकिन मोदी सरकार उल्टा उसे और महंगा कर रही है।
क्या यही मोदी सरकार के डिजिटल इंडिया का असली मॉडल है, जहां देश के नागरिक को अपना ही पैसा इस्तेमाल करने के लिए सरकार को टैक्स देना पड़े? यह फैसला सिर्फ अमेरिकी कंपनियों को फायदा पहुंचाने के लिए लिया जा रहा है। कांग्रेस पार्टी इसका पुरजोर विरोध करती है।