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धनबाद भूली आजाद नगर अग्निकांड : 72 घंटे बाद आरोपी की मां का आत्मसमर्पण

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धनबाद भूली आजाद नगर अग्निकांड : 72 घंटे बाद आरोपी की मां का आत्मसमर्पण
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पुलिस के दबाव में आरोपी की मां ने किया आत्मसमर्पण, पूछताछ के बाद भेजी गयी जेल 

सहाना परवीन और उसके 8 माह के बच्चे की मौत के मामले में पुलिस की कार्रवाई तेज 

एबीएन न्यूज नेटवर्क, धनबाद। भूली ओपी क्षेत्र के आजाद नगर में हुए अग्निकांड के मामले में पुलिस की कार्रवाई लगातार जारी है। अग्निकांड में सहाना परवीन और उसके 8 माह के बच्चे की मौत के बाद पुलिस ने मामले में आरोपी पति राजा अंसारी और उसके ससुर को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। वहीं, राजा अंसारी की मां मुसर्रत परवीन फरार चल रही थी। घटना के करीब 72 घंटे बाद पुलिस के दबाव के बीच मुसर्रत परवीन ने भूली ओपी पहुंचकर आत्मसमर्पण कर दिया। आत्मसमर्पण के बाद पुलिस ने पूछताछ की और फिर उसे धनबाद जेल भेज दिया। 

आग में झुलसने के बाद मां और बच्चे की मौत 

जानकारी के अनुसार, भूली ओपी अंतर्गत आजाद नगर निवासी सहाना परवीन और उसके 8 माह के बच्चे की आग लगने की घटना में मौत हो गयी थी। आग में झुलसने के बाद दोनों को गंभीर हालत में इलाज के लिए निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। अस्पताल में इलाज के दौरान सहाना परवीन और उसके बच्चे ने दम तोड़ दिया। मां और बच्चे की मौत की खबर सामने आने के बाद पूरे इलाके में मातम का माहौल बन गया। घटना को लेकर स्थानीय लोगों में आक्रोश है और मृतका के परिजनों की ओर से न्याय की मांग की जा रही है। 

पति और ससुर की गिरफ्तारी, सास फरार 

मां और बच्चे की मौत के बाद पुलिस ने मामले में कार्रवाई करते हुए सहाना परवीन के पति राजा अंसारी और उसके ससुर इमाम उल हक (उर्फ बोकरादी मियां) को गिरफ्तार किया था। दोनों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। वहीं, इस मामले में राजा अंसारी की मां मुसर्रत परवीन फरार चल रही थी।  
पुलिस उसकी तलाश में जुटी थी। बताया जा रहा है कि परिवार के कुछ सदस्यों पर पुलिस के द्वारा दबाव बनाये जाने के बाद मुसर्रत परवीन ने भूली ओपी में आत्मसमर्पण कर दिया। 

72 घंटे बाद आरोपी की मां ने किया आत्मसमर्पण 

घटना के करीब 72 घंटे बाद अग्निकांड के आरोपी राजा अंसारी की मां मुसर्रत परवीन भूली ओपी पहुंची और पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण किया। आत्मसमर्पण के बाद भूली पुलिस ने उससे मामले को लेकर पूछताछ की। पूछताछ पूरी होने के बाद पुलिस ने मुसर्रत परवीन को धनबाद जेल भेज दिया। इस कार्रवाई के साथ ही मामले में पुलिस की जांच और तेज हो गयी है। पुलिस अब घटना के सभी पहलुओं की जांच कर रही है। 

मौत से 7 घंटे पहले सहाना परवीन का आॅडियो वायरल 

इस अग्निकांड के बीच मृतका सहाना परवीन का एक आॅडियो भी सामने आया है, जो कथित तौर पर उसकी मौत से करीब 7 घंटे पहले का बताया जा रहा है। वायरल आॅडियो में सहाना परवीन अपनी छोटी बहन से बातचीत करती सुनाई दे रही है। आॅडियो में वह अपने पति द्वारा किए गए कथित अत्याचारों के बारे में अपनी बहन से बात कर रही है। 

आॅडियो सामने आने के बाद मामले ने और गंभीर रूप ले लिया है। इस आॅडियो की सत्यता, रिकॉर्डिंग का समय और उसमें कही गयी बातों की पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगी। मृतका सहाना परवीन के पिता और परिजनों और स्थानीय लोगों का कहना है कि इस आॅडियो की जांच कराई जानी चाहिए, ताकि घटना से जुड़े वास्तविक तथ्यों का पता चल सके। 

राजा अंसारी के आवास पर पुलिस की जांच 

भूली ओपी प्रभारी विश्वजीत ठाकुर अपने दल-बल के साथ राजा अंसारी के आवास पर पहुंची और मामले की जांच-पड़ताल में जुट गयी। पुलिस ने घटनास्थल और आवास का निरीक्षण किया। जांच के दौरान पुलिस को सहाना परवीन की मौत से जुड़े कई कथित साक्ष्य मिलने की बात सामने आई है। पुलिस उन साक्ष्यों को अपने साथ ले गयी है। 

हालांकि, पुलिस को कौन-कौन से साक्ष्य मिले हैं और उनका घटना से क्या संबंध है, इसकी आधिकारिक जानकारी अभी सामने नहीं आयी है। पुलिस की टीम घटना के हर पहलू को बारीकी से खंगाल रही है। साथ ही, परिवार के सदस्यों और अन्य संबंधित लोगों से भी पूछताछ की जा रही है। पूछताछ में राजा अंसारी से एक महिला का अवैध संबंध की बात सामने आ रही है। 

स्थानीय लोगों में आक्रोश, आरोपियों को कड़ी सजा की मांग 

राजा अंसारी के आवास के पास स्थानीय लोगों की भीड़ इकट्ठा हो गयी। लोगों ने पुलिस के सामने अपना आक्रोश जताया और सहाना परवीन तथा उसके बच्चे की मौत के मामले में आरोपियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाने की मांग की। स्थानीय लोगों का आरोप है कि राजा अंसारी और उसके परिवार के सदस्यों ने मिलकर सहाना परवीन और उसके बच्चे को आग लगाकर मार डाला। 

लोगों ने पुलिस से मांग किया की घटना में शामिल सभी आरोपियों की जांच कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाये। लोगों का कहना है कि इस मामले में किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाना चाहिए और पीड़ित परिवार को न्याय मिलना चाहिए। हालांकि, स्थानीय लोगों द्वारा लगाये गये इन आरोपों की अभी पुलिस या अदालत की ओर से पुष्टि नहीं हुई है। मामले में वास्तविक दोष और घटना की परिस्थितियां जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेंगी। 

हत्या या आत्महत्या? जांच के बाद होगा खुलासा 

आजाद नगर अग्निकांड में मृतिका सहाना परवीन और उसके 8 माह के बच्चे की मौत ने कई सवाल खड़े कर दिये हैं। सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर आग कैसे लगी? क्या सहाना परवीन और उसके बच्चे को उसके ससुराल वालों ने जानबूझकर आग लगाकर मार डाला? या फिर सहाना परवीन अपने ससुराल वालों से कथित रूप से परेशान होकर खुद को और अपने बच्चे को आग लगाने के लिए मजबूर हुई? इन सभी सवालों का जवाब पुलिस की जांच के बाद ही सामने आयेगा। 

पुलिस वायरल आॅडियो, घटनास्थल से मिले कथित साक्ष्य, परिवार के सदस्यों के बयान और अन्य परिस्थितिजन्य तथ्यों की जांच कर रही है। मामले में पोस्टमार्टम रिपोर्ट, फोरेंसिक जांच और अन्य साक्ष्यों की भूमिका भी महत्वपूर्ण होगी। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि यह घटना हत्या थी, आत्महत्या थी या किसी अन्य परिस्थिति में आग लगी थी। 

पुलिस की जांच पर टिकी सबकी निगाहें 

आजाद नगर अग्निकांड के मामले में पुलिस की कार्रवाई से स्थानीय लोगों को न्याय की उम्मीद जगी है। आरोपी की मां के आत्मसमर्पण और जेल भेजे जाने के बाद अब पुलिस की जांच पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं। 

सहाना परवीन और उसके मासूम बच्चे की मौत के मामले में पुलिस से निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की जा रही है। अब देखने वाली बात यह होगी कि पुलिस की जांच में क्या सच्चाई सामने आती है और आखिरकार इस दर्दनाक अग्निकांड के पीछे की वास्तविक वजह क्या थी। आजाद नगर अग्निकांड की पूरी सच्चाई जांच के बाद ही सामने आयेगी।

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