- भुटु बाबू बंगला में भू-धंसान के बीच बड़ा खुलासा: अवैध खनन पर सीआईएसएफ ने पहले ही पुलिस को किया था अलर्ट
- रामकनाली में अवैध कोयला खनन पर बड़ा सवाल: भू-धंसान में दो मौतों की सूचना
- कई के दबे होने की आशंका; सीआईएसएफ ने कहा- लगातार चल रही थी कार्रवाई
- सीआईएसएफ का संपर्क नंबर: 9341528406
- 9 सितंबर को थाना प्रभारी को भेजा था पत्र, वीडियो-फोटो से संदिग्धों की पहचान की जानकारी भी साझा की; सीआईएसएफ ने क्षेत्र को घोषित कर रखा है असुरक्षित
एबीएन न्यूज नेटवर्क, धनबाद। क्षेत्र-04 के भूट्टू बाबू बंगला में 13 सितंबर को हुए भयावह भू-धंसान के बाद सीआईएसएफ की प्रेस विज्ञप्ति ने पूरे मामले में कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सीआईएसएफ के अनुसार घटनास्थल पर कुछ लोगों के फंसे होने की आशंका है और राहत एवं बचाव कार्य जारी है। घटना के वास्तविक कारणों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
सीआईएसएफ ने बताया कि क्षेत्र में अवैध कोयला खनन की संभावनाओं और उससे होने वाले जान-माल के खतरे को देखते हुए लगातार कार्रवाई की जा रही थी। 7 सितंबर को 90 जवानों के साथ एरिया डोमिनेशन, जबकि 3 सितंबर को 50 जवानों के साथ नाइट पेट्रोलिंग की गयी थी। इससे पहले 4 सितंबर को कांतापहाड़ी क्षेत्र में छापेमारी के दौरान करीब 11.49 टन अवैध कोयला बरामद किया गया। वहीं 2 सितंबर की कार्रवाई में करीब 2,000 बोरी अवैध कोयला बरामद हुआ था, जिसे परिस्थितिवश मौके पर ही नष्ट किया गया।
भू-धंसान से पहले शुरू हुआ था ओबी डालने का अभियान
सीआईएसएफ के मुताबिक, अवैध खनन के मुहानों को बंद करने के लिए बीसीसीएल प्रबंधन ने 12 सितंबर से विशेष अभियान शुरू किया था। इसके तहत क्षेत्र में ओवरबर्डन (ओबी) डालने का काम किया जा रहा था और अब तक करीब 46 हॉलपैक लोड ओबी डाला जा चुका है।
9 सितंबर को पुलिस को भेजा गया था अलर्ट
प्रेस विज्ञप्ति में सबसे अहम बात यह सामने आयी है कि 9 सितंबर को सीआईएसएफ के वरिष्ठ कमांडेंट ने रामकनाली थाना प्रभारी को पत्र भेजकर क्षेत्र में हो रही अवैध खनन गतिविधियों की जानकारी दी थी। सीआईएसएफ के अनुसार यह पत्र स्थानीय पुलिस को निरंतर प्रयासों के बाद 11 सितंबर को प्राप्त हुआ। पत्र के साथ उपलब्ध वीडियो फुटेज और तस्वीरों के जरिए संदिग्ध/ संलिप्त व्यक्तियों की पहचान संबंधी जानकारी भी साझा की गयी थी। सीआईएसएफ ने पुलिस से अवैध खनन में संलिप्त लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर कठोर कानूनी कार्रवाई का अनुरोध भी किया था।
सीआईएसएफ पहले ही घोषित कर चुका है क्षेत्र को असुरक्षित
सीआईएसएफ ने अपने पत्र में यह भी उल्लेख किया था कि संबंधित क्षेत्र को सीआईएसएफ द्वारा खनन के उद्देश्य से असुरक्षित घोषित किया गया है। इसके बावजूद यहां अवैध खनन की गतिविधियों से किसी भी समय गंभीर हादसे की आशंका जतायी गयी थी। अब 13 सितंबर को इसी क्षेत्र में भू-धंसान की घटना के बाद सीआईएसएफ की यह जानकारी पूरे मामले को और गंभीर बना रही है। हालांकि, भू-धंसान का वास्तविक कारण क्या था और घटना के लिए कौन जिम्मेदार है, इसका निर्धारण जांच के बाद ही होगा।
सीआईएसएफ की लोगों से अपील
सीआईएसएफ और बीसीसीएल प्रबंधन ने स्थानीय लोगों से अवैध कोयला खनन एवं चोरी जैसी गतिविधियों से दूर रहने की अपील की है। साथ ही ऐसी किसी भी गतिविधि की सूचना तत्काल सीआईएसएफ को देने को कहा गया है।
अब जांच के घेरे में कई सवाल
- घटना के बाद कई सवालों के जवाब जरूरी हैं—
- क्या घटनास्थल पर अवैध खनन वास्तव में चल रहा था?
- वहां कितने लोग मौजूद थे?
- दो लोगों की मौत और अन्य लोगों के दबे होने की सूचना की वास्तविकता क्या है?
- क्या पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों को पहले से इसकी जानकारी थी?
- 9 सितंबर को दी गई सूचना के बाद क्या कार्रवाई हुई?
- यदि क्षेत्र असुरक्षित घोषित था, तो वहां लोगों की आवाजाही कैसे जारी रही?
- और सबसे महत्वपूर्ण—इस हादसे के लिए जिम्मेदारी किसकी तय होगी?
- इन सवालों का जवाब निष्पक्ष जांच के बाद ही सामने आयेगा।