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धनबाद भू-धंसान मामले में मुआवजा और पुनर्वास पर सहमति के बाद हुई अंतिम संस्कार की तैयारी

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धनबाद भू-धंसान मामले में मुआवजा और पुनर्वास पर सहमति के बाद हुई अंतिम संस्कार की तैयारी
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सिजुआ भू-धंसान मामले में मुआवजे और पुनर्वास पर बनी सहमति, शव अंतिम संस्कार के लिए ले जाया गया 

एबीएन न्यूज नेटवर्क, धनबाद। जोगता थाना क्षेत्र के सिजुआ तीन पटिया में भू-धंसान की घटना में 10 वर्षीय विक्रम की मौत के बाद मुआवजे और पुनर्वास की मांग को लेकर चल रहा धरना शुक्रवार को सहमति के बाद समाप्त हो गया। प्रभावित परिवार और स्थानीय लोगों ने शव को अंतिम संस्कार के लिए ले जाने पर सहमति जतायी। हालांकि, वार्ता के दौरान मुआवजे की राशि को लेकर स्थिति पूरी तरह स्पष्ट नहीं हो सकी, जिसको लेकर बाद में डुमरी विधायक जयराम महतो और कुछ लोगों के बीच बहस भी हुई। 

तेतुलमारी थाना परिसर में हुई वार्ता में तेतुलमारी थाना प्रभारी, जोगता थाना प्रभारी, भाटडीह ओपी प्रभारी, बाघमारा अनुमंडल प्रशासन के अधिकारी, बीसीसीएल के अधिकारी व जीएम समेत स्थानीय जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता और प्रभावित पक्ष के लोग मौजूद थे। बैठक में प्रभावित परिवारों के पुनर्वास, मृतक के परिजनों को आर्थिक सहायता तथा घायलों के बेहतर इलाज समेत कई मांगों पर सहमति बनी। कांग्रेस नेता अशोक लाला ने बताया कि मृतक विक्रम के परिवार को सम्मानजनक मुआवजा देने और भू-धंसान से प्रभावित परिवारों के पुनर्वास की मांग रखी गयी थी। 

बीसीसीएल प्रबंधन द्वारा मांगों पर सहमति जताए जाने के बाद धरना समाप्त करने का निर्णय लिया गया। इसके बाद शव को अंतिम संस्कार के लिए ले जाया गया। वहीं, बैठक में मौजूद मनोज भुईया, विशाल वाल्मीकि और समाजसेवी छोटू रवानी ने भी बीसीसीएल प्रबंधन और प्रशासन द्वारा प्रभावित परिवारों के पुनर्वास तथा मृतक के परिजनों को उचित मुआवजा देने पर सहमति बनने की बात कही। 

जीएम ने कहा- क्षेत्र भू धसान में पुनर्वास की जिम्मेदारी बीसीसीएल की 

एरिया-5 के जीएम निर्झर चक्रवर्ती ने बताया कि धरना-प्रदर्शन के दौरान बीसीसीएल के कार्य में बाधा उत्पन्न होने को लेकर प्रबंधन की ओर से भी प्राथमिकी दर्ज करायी गयी है। उन्होंने कहा कि मामले को अब न्यायालय में देखा जायेगा। उन्होंने कहा कि जिस क्षेत्र में अवैध खनन के कारण भू-धंसान की घटना हुई है, वह बीसीसीएल के क्षेत्राधिकार में आता है। प्रभावित लोगों के पुनर्वास के संबंध में उन्होंने कहा कि जो भी संभव होगा, प्रबंधन की ओर से किया जायेगा। 

जीएम ने यह भी कहा कि मृतक के शव को रखकर प्रदर्शन करने के संबंध में न्यायालयों के आदेशों का पालन किया जाना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रबंधन के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज होने के बाद मामले को कानूनी प्रक्रिया के तहत देखा जायेगा। 

एसडीपीओ बोले- समझौते के अनुसार होगी कार्रवाई 

बाघमारा एसडीपीओ अजीत कुमार विमल ने बताया कि 8 सितंबर को जोगता थाना क्षेत्र में  भू-धंसान की घटना हुई थी। इसमें कई घर प्रभावित हुए और एक बच्चे की मौत हो गयी थी। इसके बाद पीड़ित परिवार और स्थानीय लोगों ने बीसीसीएल के सिजुआ एरिया-5 कार्यालय के मुख्य द्वार के सामने शव रखकर मुआवजे और पुनर्वास की मांग की। 

एसडीपीओ के अनुसार, बीसीसीएल प्रबंधन के साथ वार्ता में प्रभावित परिवारों के पुनर्वास के लिए बेहतर व्यवस्था करने, पीड़ित परिवार को आर्थिक सहयोग देने, मृतक के पिता को आउटसोर्सिंग के माध्यम से काम उपलब्ध कराने तथा घायलों का सेंट्रल अस्पताल में बेहतर इलाज कराने पर सहमति बनी है। 

उन्होंने कहा कि प्रशासन पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है और बैठक में बनी सहमति के अनुसार आगे की कार्रवाई सुनिश्चित की जायेगी। एसडीपीओ ने बताया कि प्रबंधन की ओर से काम बाधित होने को लेकर आवेदन दिया गया है। आवेदन की जांच के बाद यदि प्राथमिकी दर्ज करने योग्य तथ्य पाए जाते हैं तो नियमानुसार कार्रवाई की जायेगी। 

मुआवजे की राशि स्पष्ट नहीं होने पर जयराम महतो ने उठाये सवाल 

धरना समाप्त होने और शव को अंतिम संस्कार के लिए ले जाने की प्रक्रिया के बीच डुमरी विधायक जयराम महतो मौके पर पहुंचे। उन्होंने प्रभावित परिवार, मृतक के पिता, स्थानीय प्रतिनिधियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं से मुआवजे की स्पष्ट राशि की जानकारी सार्वजनिक रूप से बताने को कहा। विधायक ने मीडिया और स्थानीय लोगों के सामने यह स्पष्ट करने की मांग की कि मृतक के परिवार को कितनी राशि मुआवजे के रूप में दी जायेगी। 

हालांकि, मौके पर मौजूद लोग मुआवजे की निश्चित राशि स्पष्ट रूप से नहीं बता सके। इसको लेकर जयराम महतो और कुछ स्थानीय लोगों के बीच कहासुनी की स्थिति बन गयी। बाद में परिजन और स्थानीय लोग शव को अंतिम संस्कार के लिए लेकर चले गये। अब पूरे मामले में प्रशासन और बीसीसीएल प्रबंधन द्वारा वार्ता में बनी सहमति के अनुपालन पर निगाह बनी हुई है।

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