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कतरास जोगता भू-धसान में युवक की मौत के बाद बनी सहमति, हुआ समझौता

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कतरास जोगता भू-धसान में युवक की मौत के बाद बनी सहमति, हुआ समझौता
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  • कतरास जोगता भू-धसान में युवक की मौत के बाद सहमति बानी समझौता
  • मुआवजा-नियोजन और पुनर्वास पर

एबीएन न्यूज नेटवर्क, कतरास। जोगता क्षेत्र में मंगलवार 8 सितंबर को हुए भू-धसान में युवक विक्रम भुइयां की मौत के बाद चार दिनों से चल रहा आंदोलन आखिरकार त्रिपक्षीय वार्ता के बाद समाप्त हो गया।

मृतक के शव को 9 सितंबर से तेतुलमारी थाना क्षेत्र स्थित सिजुआ क्षेत्र V कार्यालय के समक्ष रखकर परिजन चिकित्सा, मुआवजा, नियोजन और पुनर्वास की मांग कर रहे थे। घंटों चली वार्ता के बाद प्रबंधन की ओर से कई मांगों पर सहमति जताए जाने के बाद परिजनों ने शव को अंतिम संस्कार के लिए उठाया।

मुआवजा से लेकर नियोजन चिकित्सा और बच्चों की पढ़ाई तक पर बनी सहमति

तेतुलमारी थाना में हुई त्रिपक्षीय वार्ता में मृतक के परिवार को सम्मानजनक मुआवजा, मृतक के पिता को आउटसोर्सिंग कंपनी में नियोजन, बच्चे की पढ़ाई की व्यवस्था तथा प्रभावित परिवार के लिए जरेडा के तहत पुनर्वास पर सहमति बनी। साथ ही भू-धसान की घटना में घायल व्यक्ति का सीएचडी में इलाज कराने पर भी सहमति जताई गई।

वार्ता के बाद परिजनों और आंदोलनकारियों ने शव को अंतिम संस्कार के लिए उठाया। इसी दौरान डुमरी विधायक जयराम महतो भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने कहा कि जब परिजन वार्ता से संतुष्ट हैं तो उन्हें कोई आपत्ति नहीं है। उन्होंने आक्रोशित लोगों को समझाते हुए स्थानीय जनप्रतिनिधियों की गैरमौजूदगी पर भी सवाल उठाया।

प्रबंधन ने कहा- नियम के अनुसार देंगे लाभ

सिजुआ महाप्रबंधक निर्झर चक्रवर्ती ने घटना पर दुख जताते हुए कहा कि प्रबंधन नियम के अनुसार मिलने वाले लाभ देने के लिए तैयार है। उन्होंने शव रखकर आंदोलन किए जाने को लेकर तेतुलमारी थाना में लिखित शिकायत भी दी है। हालांकि उन्होंने कहा कि मानवता के नाते जो भी संभव होगा, वह सुविधा उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा। महाप्रबंधक ने यह भी कहा कि जिस स्थान पर घटना हुई, वहां अवैध खनन हुआ था।

एसडीपीओ की मौजूदगी में हुई सकारात्मक वार्ता

बाघमारा एसडीपीओ अजीत कुमार विमल ने बताया कि संतोषजनक त्रिपक्षीय वार्ता के बाद परिजन शव उठाने के लिए राजी हुए। प्रबंधन की ओर से दिए गए आवेदन को भी पुलिस द्वारा देखा जाएगा। वहीं अशोक प्रकाश लाल ने कहा कि तेतुलमारी थाना में हुई वार्ता में प्रबंधन ने मृतक के पिता को आउटसोर्सिंग में नियोजन, प्रभावित परिवार को आवास और मुआवजा देने पर सहमति जताई है।

झामुमो नेता विशाल बाल्मीकि ने कहा कि मृतक विक्रम के परिजनों को उचित मुआवजा, बच्चों की स्कूली शिक्षा, नियोजन और पुनर्वास को लेकर सहमति बनी है। उन्होंने भू-धसान की घटना के लिए प्रबंधन को जिम्मेदार ठहराया।

चार दिन तक शव रखकर चला आंदोलन

मनोज भुइयां ने कहा कि डीएसपी की अगुवाई में हुई वार्ता सकारात्मक रही और पीड़ित परिवार की प्रमुख मांगों पर सहमति बनी है। इसके बाद आंदोलन समाप्त कर शव को अंतिम संस्कार के लिए ले जाया गया। त्रिपक्षीय वार्ता में प्रबंधन की ओर से सिजुआ महाप्रबंधक निर्झर चक्रवर्ती और कतरास महाप्रबंधक बीके झा समेत कई अधिकारी मौजूद रहे। पुलिस की ओर से बाघमारा एसडीपीओ अजीत कुमार विमल, तेतुलमारी थाना प्रभारी विवेक चौधरी और जोगता थाना प्रभारी पवन कुमार शामिल हुए।

पीड़ित पक्ष की ओर से अशोक प्रकाश लाल, मनोज भुइयां, विशाल बाल्मीकि, गड़डू भुइयां और छोटू रवानी समेत अन्य लोग मौजूद थे। यूनियन की ओर से रामप्रीत प्रसाद, रबी चौबे, लक्ष्मण पासवान और मो. आजाद सहित कई प्रतिनिधि वार्ता में शामिल हुए। वहीं बड़ी संख्या में बीसीसीएल के अधिकारी भी थाना परिसर में मौजूद रहे।

भू-धसान में हुई मौत के बाद चार दिनों से चला गतिरोध आखिरकार वार्ता और सहमति के बाद खत्म हुआ, लेकिन इस घटना ने एक बार फिर कोयलांचल में अवैध खनन और भू-धसान से जुड़े खतरे को सामने ला दिया है।

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