- मासूम विक्रम की मौत के 48 घंटे बाद भी मुआवजे का इंतजार
- शव के साथ धरने पर बैठा परिवार; पुनर्वास की मांग तेज
एबीएन न्यूज नेटवर्क, धनबाद। जोगता थाना क्षेत्र के सिजुआ 10 नंबर, तीन पटिया भुइंया पट्टी में मंगलवार अहले सुबह करीब पांच बजे हुए भयावह भू-धंसान ने एक परिवार से उसका मासूम चिराग छीन लिया। मलबे में दबने से 10 वर्षीय विक्रम कुमार की मौत हो गई। हादसे के बाद से परिवार में मातम है, वहीं प्रभावित परिवारों के सामने सुरक्षित आशियाने और भविष्य की चिंता भी खड़ी हो गई है।
मंगलवार को हादसे के बाद परिजन और स्थानीय लोग शकलदेव सिंह चौक पर धरने पर बैठे थे। देर रात करीब आठ बजे विक्रम के शव को पोस्टमार्टम के लिए धनबाद भेजा गया। बुधवार दोपहर करीब दो बजे पोस्टमार्टम के बाद शव को वापस लाया गया। इसके बाद परिजन मासूम के शव को लेकर तेतुलमारी महाप्रबंधक कार्यालय, सिजुआ क्षेत्र संख्या-5 के मुख्य द्वार पर दूसरे दिन भी धरने पर बैठ गए।
परिजनों की मुख्य मांग मृतक बच्चे के परिवार को उचित मुआवजा, प्रभावित परिवारों का समुचित पुनर्वास तथा सुरक्षित आवास की व्यवस्था है। परिजनों का कहना है कि हादसे ने उनके घर और परिवार की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। ऐसे में केवल आश्वासन नहीं, बल्कि पीड़ित परिवारों के लिए ठोस राहत और पुनर्वास की कार्रवाई जरूरी है।
धरने पर बैठे लोगों का कहना है कि हादसे के करीब 36 घंटे बीत जाने के बावजूद मुआवजे अथवा पुनर्वास को लेकर बीसीसीएल प्रबंधन की ओर से अब तक कोई स्पष्ट घोषणा नहीं हुई है। इसी को लेकर परिवार और स्थानीय लोग शव के साथ धरने पर डटे हुए हैं।
धरने में कांग्रेस नेता ओमप्रकाश लाल और समाजसेवी छोटू रवानी भी शामिल हुए। उन्होंने पीड़ित परिवार के साथ खड़े होकर प्रबंधन और प्रशासन से तत्काल मानवीय पहल करते हुए उचित मुआवजा एवं पुनर्वास की व्यवस्था कराने की मांग की।
परिवार को सिर्फ मुआवजा नहीं, सुरक्षित भविष्य चाहिए
भू-धंसान की घटना में एक मासूम की जान चली गई है। ऐसे में प्रभावित परिवार को तत्काल आर्थिक सहायता के साथ-साथ सुरक्षित स्थान पर पुनर्वास, रहने के लिए आवास और नियमानुसार मिलने वाली अन्य राहत उपलब्ध कराने की मांग उठ रही है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि किसी भी प्रभावित परिवार को दोबारा उसी खतरे के बीच रहने के लिए मजबूर नहीं किया जाना चाहिए। प्रशासन और बीसीसीएल प्रबंधन को घटनास्थल का गंभीरता से आकलन कर प्रभावित परिवारों की सुरक्षा सुनिश्चित करनी चाहिए।
प्रशासन और प्रबंधन से उठे अहम सवाल
मासूम की मौत के बाद अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि पीड़ित परिवार को राहत कब मिलेगी? क्या प्रभावित परिवारों का सर्वे कर उन्हें सुरक्षित स्थान पर पुनर्वासित किया जाएगा? क्या मृतक के परिजनों को नियमानुसार मुआवजा और अन्य सहायता उपलब्ध कराई जाएगी?
परिजनों की मांग है कि बातचीत के जरिए तत्काल समाधान निकाला जाए और लिखित रूप से राहत एवं पुनर्वास की प्रक्रिया स्पष्ट की जाए, ताकि परिवार को अपने बच्चे के अंतिम संस्कार के साथ-साथ भविष्य की चिंता से भी राहत मिल सके।
फिलहाल शव के साथ धरना जारी है और सभी की निगाहें प्रशासन एवं बीसीसीएल प्रबंधन की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं। वीडियो में सुनिए—धरने पर बैठे कांग्रेस नेता ओमप्रकाश लाल एवं समाजसेवी छोटू रवानी ने क्या कहा।