Breaking
ताज़ा समाचार लोड हो रहा है...
लाइव: 15
होम ई-पेपर देश झारखंड खेल समाचार राज काज कानून व्यवस्था करियर बिजनेस वर्ल्ड हेल्थ विचार ज्ञान विज्ञान समाज वन और पर्यावरण मनोरंजन बिहार विज्ञापन
झारखंड

धनबाद : भू-धंसान में बच्चे की मौत के बाद परिजनों का प्रदर्शन, 30 लाख मुआवजे की मांग

शेयर करें: WhatsApp Facebook X Back to ePaper
धनबाद : भू-धंसान में बच्चे की मौत के बाद परिजनों का प्रदर्शन, 30 लाख मुआवजे की मांग
विज्ञापन
  • धनबाद : भू-धंसान में बच्चे की मौत के बाद परिजनों का प्रदर्शन, 30 लाख मुआवजे की मांग
  • सिजुआ 10 नम्बर मोड़ के तीन पटिया टोला में हादसे के बाद दहशत, प्रभावित परिवारों को स्टेडियम के बरामदे में रहने को मजबूर

एबीएन न्यूज नेटवर्क, कतरास। जोगता थाना क्षेत्र अंतर्गत सिजुआ 10 नंबर मोड़ स्थित तीन पटिया टोला में मंगलवार सुबह को हुए जोरदार भू-धंसान की घटना के बाद बुधवार को मृत बच्चे के परिजनों ने पोस्टमार्टम के बाद बीसीसीएल एरिया-5 कार्यालय के समक्ष प्रदर्शन शुरू कर दिया। परिजन मृतक के आश्रित परिवार को 30 लाख रुपये मुआवजा देने की मांग को लेकर कार्यालय के बाहर बैठे हुए हैं।

बताया जा रहा है कि मंगलवार की सुबह हुए भू-धंसान की चपेट में आने से गुड्डू भुइयां के पुत्र की मौत हो गई थी। घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल है। पोस्टमार्टम के बाद शव पहुंचने पर परिजनों और स्थानीय लोगों में आक्रोश देखा गया।

भू-धंसान की तीव्रता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि घटनास्थल के समीप लगा बिजली का पोलऔर एक बड़ा पीपल का पेड़ करीब 10 फीट नीचे जमीन में धंस गया। इससे स्थानीय लोगों में यह आशंका बनी हुई है कि जमीन के नीचे की स्थिति अभी भी खतरनाक बानी हुई है।

प्रभावित परिवारों को स्टेडियम में ठहराया गया

घटना के बाद भू-धंसान प्रभावित परिवारों को उनके घरों से हटाकर सिजुआ स्टेडियम के बरामदे में पर्दे लगाकर रहने को मजबूर किए जाने की बात सामने आई है। प्रभावित परिवारों का कहना है कि उन्हें सुरक्षित और स्थायी स्थान पर पुनर्वास की जरूरत है। बरामदे में रहने से बच्चों और बुजुर्ग को काफ़ी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, व्यवस्था को लेकर भी लोगों में नाराजगी है।

स्थानीय लोगों का आरोप है कि क्षेत्र में लंबे समय से कोयला खनन के कारण जमीन के धंसने की घटनाएं सामने आती रही हैं। इसके बावजूद प्रभावित परिवारों के स्थायी पुनर्वास और सुरक्षा के लिए ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं, विधायक और सांसद सिर्फ चुनाव में वोट के लिए आते हैं। 

30 लाख मुआवजा और पुनर्वास की मांग

मृतक के परिजन और स्थानीय लोग बीसीसीएल प्रबंधन से मृत बच्चे के आश्रित परिवार को 30 लाख रुपये मुआवजा, प्रभावित परिवारों का सुरक्षित स्थान पर स्थायी पुनर्वास तथा भू-धंसान प्रभावित क्षेत्र की तत्काल वैज्ञानिक जांच कराने की मांग कर रहे हैं।

लोगों का कहना है कि जब तक प्रभावित क्षेत्र को पूरी तरह सुरक्षित घोषित नहीं किया जाता, तब तक वहां रह रहे लोगों की जान पर खतरा बना रहेगा। स्थानीय लोगों ने प्रशासन और बीसीसीएल प्रबंधन से मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल उचित कार्रवाई की मांग की है।

भू-धंसान की लगातार हो रही घटनाओं के बीच अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि यहाँ का विधायक बीजेपी और सांसद भी बीजेपी है और दोषी जेएमएम l आखिर कब तक बाघमारा में सिजुआ, सोनारडीह और छाताबाद के आसपास के इलाकों के लोग अपनी जान जोखिम में डालकर रहने को मजबूर रहेंगे?

विज्ञापन